लोकसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस के हौसले तो पस्त हुए ही हैं पार्टी के भीतर भी वर्चस्व को लेकर जंग शुरू हो चुकी है l हालांकि लंबे विचार-विमर्श के बाद पार्टी ने अंततः गांधी परिवार की सरपरस्ती तले रहने में ही भलाई समझी और सोनिया गांधी को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष चुन लिया लेकिन ग्रैंड ओल्ड पार्टी में सोनिया की इंट्री के बाद भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है l गत बुधवार को पार्टी के थिंक टैंक माने जाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने परोक्ष रूप से मोदी सरकार की कई नीतियों का समर्थन करते हुए अपने साथियों को सलाह दी कि वे हर मुद्दे पर मोदी का विरोध करना छोड़ देंl
जयराम रमेश के बयान बाद कांग्रेश में उनके पक्ष और विपक्ष को लेकर नेताओं की बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है l पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के पुराने दिग्गज के के तिवारी ने जयराम रमेश पर हमला बोलते हुए कहा कि “कुछ लोग ऐसे हैं इन्होंने खुद तो कभी चुनाव जीता नहीं लेकिन राज्यसभा के सहारे अपनी राजनीति चमकाते रहे हैं l ऐसे लोगों ने पार्टी को हाईजैक कर लिया ” तिवारी के इस बयान के तुरंत बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु
सिंघवी और शशि थरूर जयराम रमेश के पक्ष में मैदान में उतर आए lआज शुक्रवार के दिन सिंघवी ने जयराम रमेश का पक्ष लेते हुए कहा ” व्यक्ति का विरोध करना उचित नहीं हमें ईशु वाइज प्रधानमंत्री को सही या गलत ठहराना चाहिए ” सिंघवी ने आगे कहा कि प्र”धान मंत्री भारत के प्रधानमंत्री हैं और विपक्ष का काम उन की मदद करना है l किसी के भी निर्णय गलत या सही हो सकते हैं इसलिए उनको उनके निर्णय के आधार पर तोला जाना चाहिए ना कि उनके व्यक्तित्व के आधार पर ” l सिंघवी ने प्रधानमंत्री की “उज्जवला योजना ” को बहुत महत्वपूर्ण योजना बताते हुए उनकी सराहना भी की l
शशि थरूर ने भी जयराम रमेश की बात पर अपना पक्ष रखते हुए कहा है ” मैं पिछले 6 साल से यह कहता आ रहा हूं जिस बात पर नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की जानी चाहिए वहां मे प्रशंसा करनी चाहिए और जो बात गलत है वहां हमें उनका विरोध करना चाहिए” l
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी और दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी इन दो नेताओं के बयानों को सही ठहराते हुए कहा “राष्ट्र का निर्माण एक अनवरत प्रक्रिया है जो कि हर सरकार करती आई है l मुझे उम्मीद है मोदी और उनकी टीम भी इस बात को समझती हैं इसलिए हर बात में पंडित नेहरू को जिम्मेदार ठहराने के बजाय भाजपा को कांग्रेस के अतुलनीय योगदान की सराहना करनी चाहिए और उसे आगे बढ़ाना चाहिए l शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि “व्यक्ति का विरोध नहीं बल्कि उनकी नीतियों का विरोध किया जाना चाहिए” l इन बड़े नेताओं के बयानों पर जब मीडिया ने कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष तिवारी से उनकी राय जाननी चाही तो मनीष तिवारी प्रश्नों से बचते नजर आए lउन्होंने कहा कि जिन भी लोगों ने यह बयान दिए हैं बेहतर हो आप उन्हीं से इन बयानों की बाबत बातचीत करें जहां तक कांग्रेस पार्टी का सवाल है तो हमारा मानना है कि देश गंभीर आर्थिक समस्या से जूझ रहा है और उस आर्थिक समस्या से निपटने के लिए और बेरोजगारी के निर्णय बढ़ने से कांग्रेश पार्टी बहुत चिंतित हैl

