कल कांग्रेस की कार्यसमिति की वर्चुअल मीटिंग हुई। जिसमे पार्टी के अध्यक्ष का चुनाव पर चर्चा हुई। यह चर्चा उस समय गर्मागर्मी में बदल गई जब आनंद शर्मा और अशोक गहलोत में चुनावो को लेकर तीखी बहस हो गई। कांग्रेस में यह तय हो चूका है कि अब पार्टी अध्यक्ष का चुनाव जून में होगा। इसी के साथ अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने यह भी संदेश दे दिया है कि पार्टी का अध्यक्ष गांधी परिवार से नहीं होगा। हालाँकि अध्यक्ष पद के लिए चुनावी लोकतांत्रिक प्रकिया अपनाई जाएगी।
याद रहे कि सीडब्ल्यूसी पहले ही राहुल गांधी से अध्यक्ष पद संभालने के लिए कह चुकी है। लेकिन राहुल गांधी की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। साथ ही सोनिया के यह कहने से की पार्टी के अध्यक्ष पद पर गांधी परिवार का कोई सदस्य नहीं होगा। ऐसे में संभावना है कि एक बार फिर से पार्टी किसी को गांधी परिवार के विश्वाशपात्र को अध्यक्ष चुन सकती है। इसमें पहला नंबर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का है। गहलोत को केंद्र में लाकर कांग्रेस राजस्थान में पार्टी की गुटबाजी को भी खत्म कर सकती है, तो दूसरी तरफ राजस्थान का मुख्यमंत्री सचिन पायलट को बनाकर काफी हद तक पार्टी में हुई रस्साकसी को रोक सकती है।

सीडब्ल्यूसी के स्थाई आमंत्रित सदस्य की लिस्ट में पी चिदंबरम, गौरव गोगोई, मीरा कुमार, रणदीप सुरजेवाला, पीएल पुनिया शक्तिसिंह गोगिल, आरपीएन सिंह, राजीव साटव, रजनी पाटिल जीतेंद्र सिंह और आशा कुमारी जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं और स्पेशल इनवाइटीज की लिस्ट में दीपेंद्र हुड्डा, जतिन प्रसाद, कुलदीप विश्नोई और सष्मिता देव जैसे नेताओं के नाम हैं।

