उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जलवा अब पहले सरीखा नहीं रहा है। लोकसभा चुनाव में भाजपा के खराब प्रदर्शन बाद पार्टी आलाकमान का योगी आदित्यनाथ पर भरोसा कम होने की बात चौतरफा कही-सुनी जा रही है। हालांकि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े सूत्रों का दावा है कि बाबा ही हिंदुत्व के असली जननायक हैं और आने वाले समय में ही भाजपा का चेहरा बना राष्ट्रीय फलक पर उतारे जाएंगे, भाजपा सूत्र लेकिन संघ से इतर बातें कर रहे हैं। चर्चा जोरों पर है कि जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को चुनाव प्रचार में आगे करने के बजाय पार्टी आलाकमान ने हिंदुत्व के नए चेहरे बतौर उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आगे कर बाबा का कद छोटा करने का काम किया है। धामी को बतौर स्टार प्रचारक दोनों ही राज्यों में पार्टी ने उतारा और यह प्रचार जमकर किया कि समान नागरिक संहिता कानून बनाने वाले धामी को मोदी-शाह की जोड़ी भविष्य के उन नेताओं में शुमार हो चुकी है जो समय आने पर राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश कर भाजपा का नेतृत्व सम्भालेंगे। सूत्रों की मानें तो धामी शीघ्र ही राज्य में सक्रिय वक्फ माफिया के खिलाफ जोरदार अभियान छेड़ने जा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने प्रदेश में लगभग 85 हजार करोड़ की वक्फ सम्पत्तियों की जांच करने के लिए गठित समिति को निर्देश दे दिए हैं कि वह वक्फ एक्ट के अनुसार सभी सम्पत्तियों की जांच करंे और जिन सम्पत्तियों का व्यवसायिक उपयोग हो रहा है उन्हें राज्य में निहित करने के कदम उठाए। यदि ऐसा होता है तो धामी हिंदुत्व के ब्रांड एम्बेस्डर बन संघ की नजरों में भी खरे उतर जाएंगे। कुल मिलाकर वर्तमान में दो खांटी उत्तराखण्डियों के मध्य हिंदुत्व का
पोस्टर ब्वॉय बनने की होड़ शुरू है।
धामी आगे, बाबा पीछे

