साहित्यक पत्रिका ‘पाखी’ के नवीनतम अंक में वरिष्ठ आलोचक श्री विश्वनाथ त्रिपाठी संग हुई लंबी बातचीत इन दिनों विवादों के घेरे में है। एक विचारधारा विशेष से जुड़े पाठक वर्ग और संगठनों का मानना है कि इस साक्षात्कार के चलते श्री त्रिपाठीजी की छवि प्रभावित हुई है। इसी क्रम में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में ‘पाखी’ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। दूसरी तरफ दैनिक ‘प्रभात खबर’ और दैनिक ‘दैनिक जागरण’ ने इसे अपनी तरफ से देखा और इस पर समाचार प्रकाशित किया है।



