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वेबसीरीज का बोलबाला

पिछले साल 2023 में एक ओर जहां बड़े पर्दे की कई फिल्मों का बहिष्कार देश भर में हुआ, वहीं दूसरी तरफ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दर्जनों वेबसीरिजों का बोलबाला उनके प्रशंसकों में जमकर देखने को मिला। यही नहीं इन्हें टीवी शो और उनका डाटा रखने वाली एजेंसी आईएमडीबी ने टॉप-10 की सूची में रखा है

सिनेमा जगत में पिछले साल बड़े पर्दे की कई फिल्में सुपरहिट रहीं तो कई का देशभर में बहिष्कार किया गया। वहीं ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दर्जनों वेबसीरीज का जादू उनके प्रशंसकों में जमकर देखने को मिला। ऐसे ही कुछ वेबसीरीज के बारे में हम आपको बता रहे हैं जिनको टीवी शो और वेबसीरीज का डाटा रखने वाली एजेंसी आईएमडीबी ने टॉप 10 की सूची में रखा है। यहां तक कि इन्हें गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किया गया है। इनमें सबसे पहला नाम है ‘फर्जी’ का। जो पिछले साल 10 फरवरी को ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी।

‘फर्जी’: निदेशक राज एंड डीके की ‘फर्जी’ वेब सीरीज को 2023 की टॉप 10 रैंकिंग में प्रथम स्थान मिला है। यह वेब सीरीज कॉमेडी क्राइम पर आधारित है। इसमें शाहिद कपूर, विजय सेतुपति केके मेनन और राशि खन्ना ने शानदार अभिनय किया है। सीरीज की कहानी एक कलाकार की है जिसका किरदार शाहिद कपूर (सन्नी) ने निभाया है। इसके पहले भाग की कहानी में सन्नी के माता-पिता का देहांत उसके बचपन में ही हो जाता है। तब उसके नाना उसका पालन-पोषण करते हैं। सन्नी के नाना (अमोल पालेकर) क्रांति नाम की पत्रिका चलाते हैं। उनकी बहुत पुरानी प्रेस है जो बहुत ही कर्जे में डूबी रहती है। सन्नी एक कलाकार बनता है लेकिन अपनी लाइफ सेट करने और इस प्रेस को कर्ज से उभारने के लिए वह गलत रास्ता चुन प्रेस में नकली नोट छापने का काम करने लगता है। उसके छापे नोटों में असली या नकली का फर्क करना मुश्किल हो जाता है। धीरे-धीरे वह इस धंधे में आगे बढ़ता है। बाद में उसकी मुलाकात नकली नोटों के सौदागर मंसूर (केके मेनन) से होती है। सीरीज में दूसरी तरफ माइकल (विजय सेतुपति) मैदान में होते हैं जो इस काले कारोबार को रोकने का प्रयास करते हैं और उनका साथ मेघा (राशि खन्ना) देती हैं। मेघा सन्नी के साथ रिलेशनशिप में रहती हैं तो दूसरी तरफ माइकल की पर्सनल लाइफ में भी काफी दिक्कतें हैं। अब माइकल कैसे ये इस फर्जी गैंग का पर्दाफाश करेंगे इसके लिए आपको इसके दूसरे पार्ट का इंतजार करना होगा।

‘द नाइट मैनेजर’: जॉन ले कार्रे नाम के उपन्यास और इसी नाम से बने ब्रिटिश टीवी सीरीज का हिंदी रीमेक है। साल 1993 में यह नॉवेल आया था, इसी पर वेब सीरीज ‘द नाइट मैनेजर’ आधारित है। इसकी कहानी एक पूर्व नेत्री लेफ्टिनेंट शान सेनगुटा (आदित्य रॉय कपूर) के इर्द-गिर्द घूमती है। शान सेनगुटा एक होटल में नाइट मैनेजर के रूप में काम करता है। दूसरा किरदार है शैली (अनिल कपूर) का जो भारत का सबसे बड़ा व्यवसायी और विलेन भी है। शान सेनगुटा शैली के खतरनाक गिरोह में घुसपैठ करता है। शैली अवैध हथियारों का व्यापार करता है। लेकिन कहानी में अभी कई पेच हैं। कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अब तक दिख नहीं रहे थे। वो शान की मुसीबत बन रहे हैं। शान के लिए आगे का रास्ता पहले से कहीं अधिक जोखिम भरा है। क्या शान शैली के खतरनाक गिरोह को रोक पाता हैं यह देखने के लिए इसके दूसरे भाग का इंतजार करना होगा।

 

‘असुर-2’: अरशद वारसी, अनुप्रिया गोयनका और बरुन सोबती स्टारर ‘असुर’ वेबसीरीज का पहला भाग वर्ष 2020 में रिलीज हुआ था। तभी से इसके प्रशंसकों को इसके दूसरे पार्ट का बेसब्री से इंतजार था जो 2023 के जून महीने में ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो सिनेमा पर रिलीज हुआ। इसे ओनी सेन ने डॉयरेक्ट किया है। असुर का यह दूसरा सीजन आपको देखने के लिए मजबूर कर देने वाला है। पहले सीजन के मुकाबले ‘असुर-2’ में और भी ज्यादा डरावने दृश्य दिखाए गए हैं। पहले सीजन में हमने देखा था शुभ कैसे बेरहमी से अपने पिता की हत्या कर देता है। दूसरे भाग में शुभ को और भी खूंखार दिखाया गया है। वह हर हत्या को इस तरह से अंजाम देता है कि सबूत ढूढ़ने में जांच एजेंसियों के पसीने छूट जाते हैं।
इसकी कहानी में शुभ भारतीय पौराणिक कथाओं में बहुत विश्वास करता है। वह कहता है कि महायुद्ध निकट है। कलयुग को उसकी चरम सीमा तक पहुंचाने का समय निकट आ गया है। असुर अब ठान लेता है कि वह पूरी दुनिया पर राज करेगा और कलयुग को फैलाएगा। ऐसे में क्या सीबीआई और फॉरेंसिक एक्सपर्ट असुर को दबोचने में कामयाब हो पाएंगे या नहीं इसके लिए ‘असुर’ वेबसीरीज के अन्य भाग देखने होंगे।

‘स्कूप’:
इसकी कहानी जिग्ना वोरा की किताब ‘बिहाइंड द बार्स इन बायकुलाः माई डेज इन प्रिजन’ पर आधारित है। मुख्य भूमिका में करिश्मा तन्ना, जीशान अय्यूब, हरमन बावेजा हैं। सिंगल मदर और तलाकशुदा का किरदार पत्रकार जाग्रति पाठक ने निभाया है। वे मुंबई के एक छोटे-से अपार्टमेंट में अपनी मां, मामा और नाना-नानी के साथ रहती है। उनका 10 साल का बेटा मुंबई के एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ता है। अंग्रेजी अखबार ईस्टर्न एज में सीनियर क्राइम रिपोर्टर जागृति की अंडरवर्ल्ड की खबरों पर जबरदस्त पकड़ है। वो हमेशा एक्सक्लूसिव और फ्रंट पेज की खबरों के तलाश में रहती है। उसके पुलिस विभाग और अंडरवर्ल्ड, दोनों ही जगह अच्छे संपर्क सूत्र हैं। अपने इन सूत्रों को वह काफी सपोर्ट भी करती है। जागृति पाठक अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन का टेलीफोन पर एक साक्षात्कार करती है। जिसके बाद जाग्रति की जिन्दगी में भूचाल तब आता है जब वो अपने परिवार के साथ कश्मीर में छुट्टियां मना रही होती हैं और तभी दूसरे अंग्रेजी के अखबार न्यूज डे के क्राइम एंड इनवेस्टिगेटिव एडिटर जयदेब सेन (प्रोसेनजित चटर्जी) की दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी जाती है। सेन के कत्ल की जिम्मेदारी अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन लेता है। लेकिन इस वारदात से कुछ दिन पहले डॉन का इंटरव्यू करने की वजह से जागृति पर इस साजिश में शामिल होने का आरोप लगता है कि जागृति ने इंटरव्यू के बदले डॉन को सेन के घर का पता और बाइक का नंबर लीक किया था, शक के दायरे में पुलिस जाग्रति को गिरफ्तार करती है और मकोका एक्ट के चार्जेस लगाकर जेल भेज देती है। सीरीज में पत्रकार के संघर्ष को दिखाया गया है। जागृति जेल से कैसे रिहा होती है इसके लिए आपको ये वेब सीरीज देखनी होगी।

‘गन्स एंड गुलाब’:
वेबसीरीज ‘गन्स एंड गुलाब’ की सिर्फ एक अच्छी कहानी ही नहीं, बल्कि एक से बढ़कर एक किरदारों के कारण भी बार-बार इसे देखने का मन होगा। जिसमें मुख्य कलाकार अपनी भूमिकाओं को कुशलतापूर्वक निभाते नजर आ रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे अभिनेता भी हैं जिन्होंने अपने बेहतरीन अभिनय से काफी प्रभावित किया है। सीरीज की कहानी गुलाबगंज के उस शहर से शुरू होती है जहां बेपनाह अफीम का कारोबार होता है। इस काले कारोबार के दो सरगना दुनिया के सबसे बड़े व्यापारी बनाना चाहते हैं लेकिन अर्जुन वर्मा (दुलकर सलमान) जो नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का अधिकारी का किरदार निभा रहे हैं वो इन दोनों के इस सपने को चकनाचूर कर देते हैं। इस सीरीज में ड्रग्स के कारोबार की कहानी के साथ दुश्मनी, प्यार और वर्दी के एक साथ तार जुड़े हुए हैं जिनमें पाना टीपू, छोटू गनचि, चार कट आत्माराम और अर्जुन वर्मा की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसकी कहानी भी इन्हीं के इर्द- गिर्द घूमती है।

‘द रेलवे मैन’:
वर्ष 1984 में भोपाल की एक ओद्योगिक फ़ैक्टरी में गैस रिसाव की दुर्घटना को ‘द रेलेवे मैन’ वेबसीरीज में दर्शाया गया है। सीरीज के मुख्य बिंदु में रेलवे के उन 4 कर्मचारियों को रखा गया है जिन्होंने अपनी जान पर खेल कर गैस रिसाव वाली जगह में फंसे लोगों को बचाया। इसमें मुख्य किरदार में बाबिल खान, केके मेनन, आर माधव, दिव्येंदु और सत्री हिंदुजा हैं। इनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया है। इस सीरिज में यह दिखाया गया है कि त्रासदी इतनी भयानक थी कि इसके जद में आने से हजारों लोगों की जान चली गई थी लेकिन इसका असर पूरे भोपाल पर क्यों नहीं पड़ा था। बाकी लोगों की जान कैसे बचाई गई थी। वो कौन लोग थे जो इस भयंकर तबाही में हजारों लोगों की जान बचा रहे थे। यह वेब सीरीज जान बचाने वाले उन कर्मचारियों पर आधारित बनाई गई है। आप इसका पहला भाग देखेंगे तो आपके भीतर अपने आप ही इसके सभी एपिसोड देखने की उत्सुकता उभरने लगेगी।

‘कोहरा’:
रणदीप झा के डॉयरेक्शन में बनी इस सीरीज में बरुण सोबती, हरलीन सेठी, सविंदर विक्की और मनीष चौधरी जैसे सितारों ने अभिनय किया है। यह एक क्राइम थ्रिलर वेबसीरीज है, इसकी कहानी पंजाब पुलिस के दो अधिकारियों बलबीर सिंह और अमरपाल गरुंडी पर केंद्रित है। ये दोनों अधिकारी एक लापता एनआरआई दूल्हे की हत्या की जांच करते हैं जो शादी करने के लिए ग्रामीण इलाके में गया था। लेकिन शादी से पहले ही पुलिस को उसकी लाश बरामद होती है। सीरीज की कहानी जैसे- जैसे आगे बढ़ती है वैसे- वैसे शक के घेरे में अपने ही आने लगते हैं। आगे की कहानी जानने के लिए इसके दूसरे पार्ट को देखना होगा। गौरतलब है कि इनके अलावा 2023 में करण अंशुमान और सुपम वर्मा के डायरेक्शन में बनी ‘राणा नायडू’, ‘चमक’, ‘जुबली’ भले ही टॉप-10 में आखिरी नंबर पर रही लेकिन इसकी कहानी आजादी के ठीक पहले वाली हिंदी फिल्म इंडस्ट्री 1940 के दशक से शुरू होती है। इसमें आजादी से पहले और बाद इंडस्ट्री के काम करने के तरीके में क्या बदलाव आया वो दिखाया गया है। इन सभी का बोलबाला पूरे साल देखने को मिला।

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