बिहार विधानसभा चुनाव में भले ही अभी एक साल का समय शेष है लेकिन राज्य की राजनीति अभी से गरमाने लगी है। चुनावी रणनीतिकार एवं जनसुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर ली है। उन्होंने ऐलान किया है कि बिहार चुनाव में वे सभी 243 सीटों पर प्रत्याशी उतारेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि पीके जल्द ही अपने जनसुराज अभियान को राजनीतिक दल के रूप में गठित करेंगे। प्रशांत किशोर अभी पूरे बिहार में जनसुराज पदयात्रा निकाल रहे हैं। उनकी यह यात्रा साल 2022 अक्टूबर में शुरू हुई थी। पीके गांव-गांव, ढाणी-ढाणी जाकर लोगों से मिल रहे हैं और उन्हें जागरूक कर रहे हैं। अब पीके ने बिहार में विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि प्रशांत किशोर के चुनावी मैदान में आ जाने के बाद बिहार की राजनीति में नया मोड़ देखने को मिल सकता है। पीके अभी गांव-कस्बों में जाकर कांग्रेस, बीजेपी, आरजेडी, जेडीयू समेत सभी पार्टियों के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं। वे लोगों को जाति से ऊपर उठकर वोट करने के लिए जागरूक कर रहे हैं। पीके अगर पार्टी बनाकर बिहार की सभी सीटों पर चुनाव लड़ते हैं तो इससे एनडीए और महागठबंधन दोनों को ही चुनौती मिलेगी। हालांकि, बिहार चुनाव में वक्त बचा है ऐसे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। इससे पहले जनसुराज के कांग्रेस से गठजोड़ के कयास लगाए जा रहे थे। पीके ने पिछले दिनों एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि उनकी विचारधारा कांग्रेस के करीब है। हालांकि बाद में उन्होंने इस बात को नकार दिया। पीके ने स्पष्ट किया कि जनसुराज की विचारधारा आजादी से पहले वाली कांग्रेस के समान है। अभी की कांग्रेस पार्टी एक परिवार में सिमट कर रह गई है।
राजनीतिक दल बनाएंगे पीके

