गैरसैंण क्रांति मोर्चा के प्रदेश संयोजक और युवा आंदोलनकारी नमन चंदोला ने कोरोना महामारी के बढ़ने और अनियंत्रित होने को लेकर मुख्यमंत्री तीर्थ सिंह रावत को जिम्मेदार ठहराया है।
मोर्चा के संयोजक नमन चंदोला ने कहा कि लगातार तीरथ सिंह रावत के फैसले और उनकी सरकार कोरोना को नियंत्रित करने में असफल साबित हुई है। आलम यह है कि देहरादून जैसे महानगर में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में सैकड़ों जाने जा रही हैं इसलिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।
चन्दोला ने बताया कि आंदोलनकारियों से लेकर आम आदमी तक सरकार की कार्यशैली से नाराज हैं। माननीय हाईकोर्ट भी कई बार राज्य सरकार को फटकार लगा चुकी है लेकिन सरकार अभी तक सोई हुई है। और अब पहाड़ों में कोरोना संक्रमण के बढ़ने के कारण स्थिति लगातार गंभीर हो रही है।
पिछले 1 साल से सरकार न राज्य में आॅक्सीजन प्लांटों को बढ़ा सकी और न ही पर्वतीय जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ कर सकी। ऐसे में चंदोला ने कहा कि राज्य सरकार और उसके मुखिया को अपनी जिम्मेदारी को बखूबी न निभा पाने के कारण इस्तीफा दे देना चाहिए।
चंदोला ने कहा कि राज्य सरकार पहाड़ों से लेकर प्लेंस तक स्वास्थ्य सुविधाओं को मुहैया कराने में पूरी तरह से नाकामयाब रही है उन्होंने कहा की स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में मरने वाले लोगों का श्राप राज्य सरकार को अवश्य लगेगा। चन्दोला ने जल्द से जल्द आॅक्सीजन प्लांट को लगाने और पहाड़ों से लेकर प्लेस तक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की मांग की।
चंदोला ने राज्य सरकार पर कोरोनाकाल में राजनीति करने का आरोप भी लगाते हुए कहा कि गैर भाजपाई पंचायतों पालिकाओं को आर्थिक रूप से उचित मदद नहीं की जा रही है जो कि राज्य सरकार की कथनी-करनी को दर्शाता है। कोरोना काल में इस तरह की राजनीति की कड़ी निंदा करते हुए चंदोला ने कहा कि राज्य सरकार को वर्तमान समय में अपना राजधर्म निभाकर जन सुविधाओं का ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि जल्द देवभूमि उत्तराखण्ड और भारतवर्ष में इस महामारी का अंत होगा।