उत्तर प्रदेश में पिछले साल सुर्खियों में रहा चिन्मयानंद रेप केस में अब बडा ट्विस्ट आ गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस पीड़ित लड़की ने पूर्व गृह राज्य मंत्री चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाया था वह अपने रेप से मुकर गई है। इसी के साथ ही उसने समझौता कर लिया है। इस मामले में एमपी एमएलए कोर्ट में 15 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी। इस बीच अभियोजन पक्ष ने पीड़िता के पिता को पक्षद्रोही घोषित किया। साथ ही पीड़िता पर सीआरपीसी की धारा 340 के तहत कार्रवाई करने की कोर्ट में अर्जी दे दी है।
गौरतलब है कि 27 अगस्त 2019 को पीड़िता के पिता ने शाहजहांपुर के थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। उस समय लड़की का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें उसने चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाया था। वहीं इसके बाद 5 सितंबर 2019 खुद पीड़िता ने नई दिल्ली के थाना लोधी कॉलोनी में स्वामी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिके बाद जांच के दौरान एसआईटी ने इन दोनों एफआईआर को एक में मर्ज कर लिया था।
तब पीड़िता लडकी ने सीआरपीसी की धारा 161 और धारा 164 तहत दिए गए मजिस्ट्रेटी बयान में स्वामी चिन्मयानंद उर्फ कृष्ण पाल सिंह पर बलात्कार का मामला दर्ज कराया था। लेकिन गत 9 अक्टूबर को लॉ की छात्रा ने कोर्ट में अपने दिए गए बयान में रेप के आरोप से मुकर गयी है।
याद रहे कि इस प्रकरण में यूपी सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। तब यूपी सरकार को इस पूरे मामले के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित कर जांच कराने के निर्देश दिये। फिर राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने करीब 3 माह चली इस जांच में स्वामी चिन्मयानंद के अलावा रंगदारी मांगने के आरोप में पीड़िता समेत संजय, विक्रम सचिन को जेल भेज दिया। जबकि भाजपा के दो नेताओं को भी रंगदारी मांगने के आरोप में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।

