प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में केंद्र की सत्ता संभालने के बाद ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा दिया था। बीते दस वर्षों के दौरान पीएम हर मंच से यही दावा करते हैं कि उनके शासनकाल में देश में अद्भुत विकास हुआ है लेकिन जब और जहां कहीं भी चुनाव होते है पीएम और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ हिंदुत्व का मुद्दा गर्मा वोट मांगने की कवायद शुरू कर देते हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की घोषणा बाद एक बार फिर से विकास बेचारा हाशिए में जा पड़ा है और भाजपा और संघ एक बार फिर से हिंदुत्व को आगे कर मतदाताओं को रिझाने में जुट गए हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने दशहरा संबोधन में हिंदुओ को संगठित होने का आह्वान करते हुए यहां तक कह डाला कि दुर्बल रहना अपराध है जिसे भगवान भी पसंद नहीं करते। पीएम मोदी ने भी महाराष्ट्र में एक रैली को संबोधित करते हुए हिंदुओ से एक रहने की अपील की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो ‘बटेंगे तो कटेंगे’ सरीखा बयान दे ही रहे हैं, उत्तराखण्ड की सीएम धामी लव जेहाद, लैण्ड जेहाद का राग अलापते-अलापते अब थूक जेहाद तक जा पहुंचे हैं। राजनीतिक पंड़ितों का मानना है कि महाराष्ट्र और झारखण्ड विधानसभा चुनावों में भाजपा एक बार फिर से हिंदुत्व कार्ड को जमकर खेलेगी।
विकास नहीं हिंदुत्व ही सर्वोपरि

