Country

मेरे पास कभी घर नहीं था…बर्फबारी के बीच राहुल गांधी का संबोधन

145 दिनों से चल रही राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का आज समापन हो गया है। उन्होंने श्रीनगर में कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर यात्रा का समापन किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भाषण भी दिया। इस भाषण में उन्होंने कहा कि उनके पास अपना घर नहीं है। राहुल गांधी ने कहा, ‘मेरे पास अपना घर नहीं है। मैं बचपन से ही सरकारी आवास में रहा और पला-बढ़ा हूं। मेरे लिए घर एक स्ट्रक्टर नहीं है, जीने और सोचने का एक तरीका है।”

राहुल गांधी ने कहा, ‘मेरे लिए घर है, एक विचार है, जीने का तरीका है और सोचने का तरीका है। आप जिसे कश्मीरियत कहते हैं, उसे मैं घर कहता हूं। क्या आप जानते हैं कि कश्मीरियत क्या है? यह भी एक विचार है। यह विचार भगवान शिव ने दिया है। उसे खालीपन कहा जा सकता है। यानी खुद पर, खुद के विचारों पर, अपने अहंकार पर हमला करना। दूसरी ओर, इस्लाम में हम इसे ‘फना’ कहते हैं। फना का मतलब है खुद पर और अपने अहंकार पर हमला करना, अपने अहंकार के किले पर हमला करना। यह भगवान शिव और इस्लाम के बीच विचार का संबंध है। इसे ही हम कश्मीरियत कहते हैं। यानी दूसरों पर हमला न करें।

 

गंगा-जमुना तहजीब क्या है?

राहुल गांधी ने कहा, “मेरे पूर्वज गंगा के किनारे कश्मीर से इलाहाबाद चले गए थे। वह रास्ते में ‘कश्मीरियत’ को अपने साथ ले गया। यानी इस सोच को साथ लेकर चला गया। उन्होंने कश्मीर के विचार को गंगा में प्रवाहित किया। यह विचार उत्तर प्रदेश में फैल गया। लोग इसे ‘गंगा जमुना तहजीब’ कहने लगे।”

You may also like