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फ्रांस में आंतकी ने चर्च में घुसकर तीन लोगों की निर्मम हत्या कर दी

फ्रांस में इन दिनों हालत काफी खराब चल रहे हैं। कुछ दिन पहले ही फ्रांस में एक टीचर का सिर कलम इसलिए कर दिया कि उनसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चर्चा के दौरान शार्ली हेब्दों में छपा पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दिखाया था। अब फ्रांस के नीस शहर के चर्च में एक व्यक्ति ने चाकू से दो लोगों की हत्या और एक को गंभीर रुप से जख्मी कर दिया। मृतकों में से  एक महिला जिसकी उम्र तकरीबन 60 साल की थी। वह सुबह चर्च में प्रार्थना के लिए आई थी। हत्या का शिकार हुआ दूसरा व्यक्ति चर्च का ही अधिकारी था। उसका नाम विन्सेंट लोकुस था, उसकी उम्र 55 साल की थी। बताया जा रहा है कि उसका सिर कलम कर दिया गया। बुरी तरह जख्मी हुई महिला की आयु 44 वर्ष बताई जा रही है। इस महिला के शरीर पर हत्यारें ने चाकू से कई वार कर जख्मी कर दिया। कुछ समय बाद उस महिला ने भी दम तोड़ दिया।

फ्रांस में दो हफ्तों में यह दूसरी बड़ी घटना है। पैगंबर मुहम्मद के कार्टून के बाद फ्रांस में लगातार मुस्लिम समुदाय प्रदर्शन कर रहा है। कई मुस्लिम देशों ने फ्रांस के सारे प्रोडक्ट बैन कर दिए। बांग्लादेश, सीरिया, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में लोग फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के पुतले जला रहे हैं। हमले के बाद वहां सिटी पुलिस पहुंची और उन्होंने व्यक्ति को शूट कर दिया। क्योंकि व्यक्ति ने अपना चाकू फेंकने से इंकार कर दिया था। अधिकारियों ने फ्रांस पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि अगर थोड़ी देरी और हो जाती तो व्यक्ति और लोगों की भी जान ले सकता था।

हमला करने वाले व्यक्ति का नाम फ्रांस मीडिया ने ब्राहिम ओउसाओई बताया, और बताया कि वह व्यक्ति इटली से फ्रांस आया था। उसकी उम्र 21 साल बताई जा रही है। हमलावार के पास तीन चाकू और क़ुरान पाई गई है। फ्रांस के नेशनल आंतकवादी निरोधी हमले की जांच में जुटी हुई है ताकि हमला करने वाले संगठन का पता लगाया जा सके।

हमले की निंदा करते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि ”फ्रांस निशाने पर है। नीस में तीन लोग मारे गए और सऊदी अरब में फ़्रांस के वाणिज्यिक दूतावास को निशाना बनाया गया। राष्ट्रपति ने आगे कहा ने ”मैं फ़्रांस और दुनिया भर के कैथोलिक लोगों के साथ खड़ा हूं। 2016 में फादर हैमेल की हत्या के बाद एक बार फिर से फ़्रांस के कैथोलिकों को निशाने पर लिया जा रहा है। वो भी ऑल सेंट्स डे के ठीक पहले। हम देश में धार्मिक स्वतंत्रता कायम रखने के लिए उनके साथ हैं। धर्म में आस्था हो या न हो, हर धर्म के अनुयायियों को अपने धर्म का पालना करने का अधिकार है। आज हम कैथोलिक लोगों के साथ खड़े हैं। हम किसी भी चीज़ के सामने नहीं झुकेंगे। आतंकवादी ख़तरों से निपटने के लिए हमने अपनी सुरक्षा और बढ़ा दी है।”

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