पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्त्ता सियासी रंजिश का शिकार होते आ रहे हैं। अब तक पार्टी के कुछ अहम नेताओं की यहां हत्याएं हो चुकी है। यही स्थिति जम्मू -कश्मीर की भी है। राज्य में जब से अनुच्छेद 370 को हटाया गया है तब से यहां भाजपा के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। आतंकी संगठन अनुच्छेद 370 को हटाए जाने से खफा है। इस संगठन का नाम है लश्कर-ए-तैयबा द रेजिजटैंस फ्रंट (TRF) जो एक के बाद एक हमलों को अंजाम दे रहा है। आतंकी संगठन लगातार भाजपा के कार्यकर्ताओं को निशाना रहा है ।
कल 29 अक्टूबर को कुलगाम में तीन बीजेपी नेताओं की हत्या कर दी गई। जिसमें जम्मू-कश्मीर बीजेपी युवा मोर्चा के महासचिव भी शामिल हैं । जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से ही इस संगठन को तैयार किया गया, जिसके बाद इसने हमले करने शुरू किए हैं। अबतक सुरक्षाबलों के काफिले पर हुए कुछ हमलों में इस संगठन का नाम आ चुका है, साथ ही अब बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले की जिम्मेदारी भी इसने ले ली है।
इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के ही एक संगठन द रेजिजटैंस फ्रंट (TRF) ने ली है। हालांकि, मौजूदा हमले में किन आतंकियों का हाथ था अभी सुरक्षाबल उनकी तलाश में जुटे हैं। जिन भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई, उनमें फिदा हुसैन, उमर रशीद बेग और अब्देर रशीद बेग शामिल हैं। साउथ कश्मीर के काजीगुंड में आतंकियों ने घर जा रहे कार में सवार बीजेपी के तीन नेताओं पर सामने से गोलियां बरसा दीं।
बता दें कि जून से लेकर अबतक जम्मू-कश्मीर में आठ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की हत्या कर दी गई है, जो अभी भी रुकने का नाम नहीं ले रही है। आतंकियों की ओर से खुलेआम धमकी दी जा रही है कि घाटी के युवा बीजेपी के साथ ना आए।
गौरतलब है कि कल 29 अक्टूबर की सुबह से ही जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग इलाकों में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) की छापेमारी हो रही थी। टेरर फंडिंग से जुड़े मामलों में आतंकियों के मददगारों पर शिकंजा कसा जा रहा था और शाम को बीजेपी नेताओं पर हमले की खबर सामने आ आई।
आतंकी संगठन TRF ने इस आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी लिखा, जिसमें धमकी दी गई कि श्मशान घाट भी ओवरबुक हो जाएंगे। लश्कर ए तैयबा के ही संगठन TRF को पिछले कुछ समय पहले ही तैयार किया गया है, जिसमें जम्मू-कश्मीर के स्थानीय आतंकियों को शामिल किया गया है। इस संगठन की सोशल मीडिया में मौजूदगी है और वहां से ही ये अपनी ब्रैंडिंग करने में जुटा रहता है।
पहले भी हो चुकी हैं हत्याएं
इनमें 8 जुलाई को ही बीजेपी नेता वसीम बारी, उनके भाई और पिता की हत्या कर दी गई थी। 4 अगस्त को कुलगाम के आखरन नौपुरा में बीजेपी के नेता और संरपच आरिफ अहमद पर जानलेवा हमला हुआ। 6 अक्टूबर को गांदरबल में भी जिला भाजपा उपाध्यक्ष गुलाम कादिर राथर को मार दिया गया था। इसके अलावा पिछले महीने बडगाम में बीजेपी कार्यकर्ता और बीडीसी अध्यक्ष को आतंकियों ने मार गिराया था।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वक्त में जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं या उनसे जुड़े लोगों पर आतंकी हमले बढ़े हैं। जून 2020 से अबतक ऐसे ही हमलों में आठ के करीब बीजेपी नेताओं की हत्या कर दी गई है। बता दें कि सुरक्षाबलों द्वारा जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ अपने ऑपरेशन में तेजी लाई गई है, यही कारण है कि आतंकी संगठन बौखला गए हैं। इसी वजह से आतंकी बार-बार सुरक्षाबलों और पब्लिक फिगर को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

