भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऑस्ट्रेलिया में खेली गई चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर गावस्कर सीरीज में इतिहास रच भारत ने सीरीज अपने नाम कर ली है। भारतीय क्रिकेट टीम के नियमित कप्तान विराट कोहली समेत कई स्टार खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में भी भारतीय टीम ने कार्यवाहक कप्तान अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया को उनके घर में आखेट कर बॉर्डर-गावस्कर ट्राॅफी को बरकरार रखा है। सीरीज के इस निर्णायक मुकाबले में भारत कोऑस्ट्रेलिया से 328 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसे टीम ने शुभमन गिल और ऋषभ पंत जैसे युवा बल्लेबाजों की शानदार पारियों के दम पर तीन विकेट से हासिल कर लिया। इस सीरीज पर कब्जा करते ही भारत ने अपने खेल के जरिए ऑस्ट्रेलिया की बदतमीजी, स्लेजिंग, बदजुबानी सहित सभी मुद्दों पर करारा जबाब देकर उनका मुंह बंद कर दिया है ।

भारत की यह जीत कई मायनों में खास है, क्योंकि इस सीरीज में भारत ने कई खिलाड़ियों को चोट की वजह से गंवा दिया था, जबकि ऑस्ट्रेलिया अपनी पूरी ताकत के साथ उतरा था। इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस मैच में टीम इंडिया की गेंदबाजी आक्रमण बेहद अनुभवहीन था, और मात्र तीन मैच खेलने वाले मोहम्मद सिराज को गेंदबाजी आक्रमण का अगुवा बनाया गया था। उन्होंने भी अपने कप्तान को निराश नहीं किया और दूसरी पारी में पांच विकेट लेने के साथ कंगारू टीम को ऑलआउट करने में अहम भूमिका निभाई।

आस्ट्रेलिया की गाबा मैदान पर पिछले 32 वर्षों में यह पहली हार है जबकि भारत ने यहां अपनी पहली जीत दर्ज की। इसी के साथ इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया टीम की भारत के खिलाफ बादशाहत खत्म हो गई है। बता दें कि भारत ने लगातार दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया को उसके ही घर में टेस्ट सीरीज में पटखनी दी है। पिछली बार भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसके ही घर में 2018-19 टेस्ट सीरीज में 2-1 से हराया था।

भारतीय टीम ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी लगातार तीसरी बार अपने नाम कर जीत की हैट्रिक लगाई है। इससे पहले भारत ने पिछली दोनों सीरीज जीतकर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा किया था। विराट कोहली की अनुपस्थिति में इंडिया के लिए यह बहुत बड़ी जीत है। इंडिया को इस मैच में अपने खिलाड़ियों के चोटिल होने की वजह से चार बदलाव करने पड़े थे। इसके बावजूद वह इतिहास रचने में कामयाब रही।

इस मैच में टीम को यादगार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले विकेटकीपर ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम पारियों में एक हजार रन पूरे करने वाले भारतीय विकेटकीपर बन गए। उन्होंने ऑफ स्पिनर नाथन लायन के सामने सतर्कता बरती, लेकिन चेतेश्वर पुजारा के पवेलियन लौटने के बाद खूबसूरत ड्राइव से स्कोर बोर्ड को रुकने नहीं दिया और फिर अपना तीसरा अर्धशतक पूरा किया। इस मैच में मध्यक्रम के बल्लेबाज के रूप में खेल रहे मयंक अग्रवाल नई गेंद के सामने ज्यादा देर तक नहीं टिक पाए। इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर फिर से दृढ़ इरादों के साथ क्रीज पर उतरे थे और पंत के साथ उनकी साझेदारी महत्वपूर्ण साबित हुई।

वहीं टीम इंडिया की इस ऐतिहासिक जीत से बीसीसीआई भी काफी खुश है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख सौरव गांगुली ने टीम के लिए इनाम के तौर पर बोनस का ऐलान किया है।
Just a remarkable win…To go to Australia and win a test series in this way ..will be remembered in the history of indian cricket forever ..Bcci announces a 5 cr bonus for the team ..The value of this win is beyond any number ..well done to every member of the touring party..
— Sourav Ganguly (@SGanguly99) January 19, 2021
गांगुली ने ट्वीट कर कहा कि ऑस्ट्रेलिया में जाकर इस तरह से टेस्ट सीरीज जीतना, इसे भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। बीसीसीआई ने टीम को पांच करोड़ रुपये का बोनस देने का फैसला किया है। इस जीत की अहमीयत किसी भी संख्या से कई ज्यादा है। दौरे के सभी सदस्यों को बधाई।
The @BCCI has announced INR 5 Crore as team bonus. These are special moments for India Cricket. An outstanding display of character and skill #TeamIndia #AUSvIND #Gabba
— Jay Shah (@JayShah) January 19, 2021
गांगुली के अलावा बोर्ड के सचिव जय शाह ने भी ट्वीट कर टीम को बधाई देते हुए बोनस की जानकारी दी। शाह ने लिखा कि यह यादगार है, बीसीसीआई भारतीय टीम को बोनस के रूप में पांच करोड़ रुपये देगी।
इस सीरीज में चोट से जूझ रही भारतीय टीम ने वो कर दिखाया जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। भारत ने चौथे और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच में ऑस्ट्रेलिया की गाबा में 32 वर्षों से चली आ रही बादशाहत खत्म की। अपने दो युवा बल्लेबाजों शुभमन गिल और ऋषभ पंत की आकर्षक अर्धशतकीय पारियों के दम पर भारत ने मैच में वापसी की। एडिलेड में पहला टेस्ट मैच गंवाने के बाद शानदार वापसी की और ऑस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर लगातार दूसरी बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने पास बरकरार रखी। भारत ने यह जीत तब दर्ज की जबके कई शीर्ष खिलाड़ी चोटिल होने या अन्य कारणों से टीम में नहीं थे।

91 रनों की शानदार पारी खेलकर गिल ने ऋषभ पंत में भी जोश भरा। पंत ने आक्रामकता की अच्छी मिसाल पेश करके नाबाद 89 रन बनाए। भारत के सामने 328 रन का लक्ष्य था और उसने सात विकेट पर 329 रन बना लिए। इन सबके बीच चेतेश्वर पुजारा की 211 गेंदों पर खेली गयी 56 रन की पारी खेलकर फिर से अपना जुझारूपन दिखाया, उन्होंने अपने इन दोनों युवा साथियों को खुलकर खेलने का मौका दिया। पुजारा ने गिल के साथ 240 गेंदों पर 114 और पंत के साथ 141 गेंदों पर 61 रन की उपयोगी साझेदारियां की।

ब्रिस्बेन के गाबा में भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया का गुरूर तोड़ने के साथ-साथ कई अहम कीर्तिमान भी अपने नाम कर लिए। दरअसल, यह जीत दर्ज करते ही टीम इंडिया टेस्ट चैंपियनशिप की पॉइंट टेबल में एक बार फिर टॉप पर पहुंच गई है। वहीं, टेस्ट रैंकिंग में भी भारत ने ऑस्ट्रेलिया को तीसरे पायदान पर धकेल दिया और 118 अंक के साथ दूसरे पायदान पर मजबूती से कदम जमा लिए हैं।

गौरतलब है कि टीम इंडिया ने गाबा में अब तक सात मुकाबले खेले हैं और पहली बार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ टीम इंडिया टेस्ट चैंपियनशिप की पॉइंट टेबल में एक बार फिर पहले पायदान पर पहुंच गई है। पॉइंट टेबल के मुताबिक, टीम इंडिया के कुल 430 अंक हो गए हैं। वहीं, टीम की विनिंग पर्सेंटेज 71.1 फीसदी है, जो कि सबसे ज्यादा है। भारत ने अब तक पांच सीरीज के तहत कुल 13 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें नौ मैच जीते। भारतीय टीम को तीन मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा। गाबा में हार के बाद ऑस्ट्रेलिया इस पॉइंट टेबल में तीसरे पायदान पर फिसल गया।

