Indian Economy

बिग बास्केट कंपनी में भारत इन, चीन आउट

टाटा ग्रुप देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन ग्रोसरी कंपनी बिगबास्केट में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए 200-250 मिलियन डॉलर का निवेश करने की तैयारी में है। इस निवेश के लिए महीनों से बातचीत चल रही है जो अब आखिरी स्टेज पर है। इस निवेश के बाद टाटा ग्रुप की बिगबास्केट में हिस्सेदारी बढ़कर 60% हो जाएगी। इससे चीन की ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा होल्डिंग्स और प्राइवेट इक्विटी फर्म अब्राज ग्रुप की हिस्सेदारी बिगबास्केट में समाप्त हो जाएगी। अभी बिगबास्केट में अलीबाबा की हिस्सेदारी 27.58% और अब्राज ग्रुप की 18.05% है।

बिग बास्केट में हिस्सेदारी खरीदने के लिए टाटा समूह प्राइमरी और सेकेंडरी शेयरों की खरीद में लगभग 1.3 बिलियन डॉलर यानी 9.57 हजार करोड़ रुपये चुकाएगा। खबरों के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में टाटा ग्रुप का बिग बास्केट का यह सौदा जल्द ही पूरा हो सकता है। यह सौदा ऑनलाइन बिजनेस स्पेस में अब तक का सबसे बड़ा सौदा हो सकता है।

मुंबई के टाटा ग्रुप का कुल रेवेन्यू $113 अरब है। इसके पास जुगआर लैंड रोवर और टेटली जैसे मशहूर ब्रांड हैं। टाटा ग्रुप मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज और जेफ बेजोस के अमेजन को टक्कर देने के लिए रिटेल कारोबार में अपने पांव जमाना चाहता है। कोरोना वायरस की महामारी के दौरान भारत में ऑनलाइन घरेलू समान की खरीदारी तेजी से बढ़ी है। भारत के $1 लाख करोड़ के रिटेल बाजार में घरेलू समानों की हिस्सेदारी करीब आधी है। इससे पहले वॉलमार्ट ने $16 अरब में फ्लिपकार्ट को खरीदा था। फ्लिपकार्ट का अब सीधा मुकाबला अमेजन से है।

टाटा समूह के साथ इस बिजनेस डील के तहत बिग बास्केट 2022-23 में आईपीओ लाएगी। इसके तहत अगर कोई अन्य निवेशक इसमें अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहेगा तो उस स्थिति में फर्स्ट रिफ्यूजल का अधिकार टाटा समूह के पास होगा। बिग बास्केट के सीईओ हरि मोहन ने कहा था कि आईपीओ से कुछ मौजूदा निवेशकों को इससे निकलने का मौका मिल सकता है।

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