गणतंत्र दिवस के दिन किसानों द्वारा निकाली गई ट्रैक्टर परेड काफी हिंसक हो गई। हिंसा के बाद पूरी दिल्ली एनसीआर छावनी में तब्दील हो गई है। दिल्ली के कई इलाकों में इंटरनेट और मेट्रो सेवाएं को बंद कर दिया गया। सिंघु बॉर्डर, लाल किला और आईटीओ पर जमकर बवाल हुआ, जिसके बाद वहां काफी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई हैं। दिल्ली मेंट्रो ने जानकारी दी है कि लाल किला मेट्रो स्टेशन में एंट्री और एग्ज़िट रोक दी गई है। साथ ही जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन की एंट्री भी बंद रखी गई है।
बताया गया है कि ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की और सेअबतक 22 एफ़आईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पाँच एफ़आईआर ईस्टर्न रेंज में दर्ज़ की गई हैं। दिल्ली के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं रोक दी गई हैं। आईटीओ और लाल किला दोनों ही जगहों पर मंगलवार को प्रदर्शनकारी सबसे उग्र दिखे थे। आईटीओ पर प्रदर्शनकारी किसानों पर पुलिस ने ताबड़तोड़ आसूं गैस के गोले दागे। इसके बाद किसानों का एक जत्था आईटीओ से होते हुए लाल किला जा पहुँचा और वहाँ निशान साहिब वाला झंडा फहराया। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि दीप सिद्दू बीजेपी के कार्यकर्ता हैं।
उन्होंने कहा है कि “दीप सिद्धू सिख नहीं है, वो बीजेपी कार्यकर्ता है। प्रधानमंत्री के साथ भी उनकी एक तस्वीर है। ये किसानों का आंदोलन है और किसानों का ही रहेगा। कुछ लोगों को ये जगह तुरंत छोड़नी होगी और जिन लोगों ने बैरिकेड तोड़े वो हमारे आंदोलन का हिस्सा नहीं थे। किसान मजदूर संघर्ष समिति के प्रवक्ता एसएस पंधेर ने कहा कि किसानों के आंदोलन को बदनाम करने के विरोध में कुछ शरारती तत्व शामिल हुए। हमने लाल किले पर झंडे फहराने की योजना नहीं बनाई थी, यह हमारा कार्यक्रम नहीं था। दीप सिद्धू की पीएम के साथ फोटो मंगाई गई है, हमने पहले ही उस पर संदेह जताया था। दिल्ली पुलिस ने बताया कि 26 जनवरी को आंदोलनकारी किसानों पर हमला होने के बाद 300 से अधिक पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। एडिशनल डीसीपी सेंट्रल के संचालक पर कल आईटीओ पर तलवार से हमला किया गया था। दिल्ली के पुलिस आयुक्त कल किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसा के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं।

