आजकल दामाद को अपने बेटे से भी ज्यादा सगा माना जाता है । लेकिन एक कलयुगी दामाद ने इस रिश्ते को कलंकित कर दिया। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसमें 13 बीघे जमीन के लिए दामाद ने ही अपनी सास – ससुर और दो सालियों की हत्या कर दी। चारों की हत्या करने के बाद उसने सभी की लाशों को घर में ही दबा दिया ।
ताज्जुब की बात यह रही कि 16 महीने तक इस सनसनीखेज वारदात का किसी को कानों कान खबर भी नहीं लगी । दामाद की एक गलती ने सारे मामले से पर्दा उठा दिया । इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा तो पुलिस ने जब आरोपी दामाद ( नरेद्र ) को पकड़कर थर्ड डिग्री थी। उसने सारा रहस्य उगल दिया।
आरोपी ने ना केवल चारों की हत्या में किए गए प्लान को उजागर किया बल्कि इस हत्या में शामिल एक उसका किराएदार भी पकड़ा गया है। लेकिन सोचनीय सवाल यह है कि दामाद की पत्नी यानी कि जिस औरत के माता पिता और दो बहने 16 महीने से घर से लापता हो और वह चुप बैठी रहे तो ऐसे में सवालिया निशान दामाद की पत्नी पर भी लग रहे हैं। पुलिस की तहकीकात अब महिला तक पहुंच चुकी है।

जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश की तहसील मीरगंज थाना (बरेली) के गांव पैगानगरी निवासी 65 वर्षीय हीरालाल वर्ष 2006 में परिवार के साथ उत्तराखंड के रुद्रपुर में राजा कॉलोनी ट्रांजिट कैंप में आकर बस गए थे। उनके पास बरेली स्थित गांव में 18 बीघा जमीन और मकान था। गांव छोड़ने से पहले उन्होंने पांच बीघा जमीन बेच दी थी और इससे मिले रुपये से यहां मकान बनाया था। हीरालाल के दामाद की इस जमीन पर नजर थी।
नरेंद्र की जमीन हड़पने की योजना शुरू से ही बताएं गयी। जिसके चलते ही उसने हीरालाल की बड़ी बेटी लीलावती को अपने प्यार के फंदे में फंसा लिया। इसके बाद उसने उससे लव मैरिज कर ली। यही नहीं बल्कि वह अपने ससुराल के घर में ही रहने लगा जबकि ससुर हीरालाल को यह पसंद नहीं था।
20 अप्रैल 2019 को नरेद्र ने संपत्ति को हथियाने के लिए किरायदार विजय गंगवार के साथ मिलकर साजिश रची और सास, ससुर और दो सालियों की बेरहमी से हत्याएं कर दी। नरेंद्र और विजय ने चार की हत्या करने के बाद शवों को एक कमरे में लाकर रख दिया। गड्ढा खोदा और चारों को दबा दिया। इसके बाद उसने उसके उप्पर फर्श भी डाल दिया।

किसी को इस बात का पता भी नहीं चला कि कलयुगी दामाद ने अपने सास-ससुर और दो सालियों की निर्मम हत्या कर दी । इसका खुलासा उस समय हुआ जब वह लालच में उस गांव में पहुंच गया जहां उसके ससुर ने की जमीन को बटाएदार दुर्गा प्रसाद को दिया हुआ था। वहां वह उन लोगों से पैसा मांगने चला गया। यही नहीं बल्कि उसने अपने ससुर का मृत्यु प्रमाण प्रमाण पत्र बनवाने की भी कोशिश की। जब बटाएदार ने नरेंद्र से पूछा कि जमीन मालिक हीरालाल कहां है तो वह इधर उधर की बात करने लगा। यहीं से बटाएदार को शक हो गया और उन्होंने पुलिस को इसकी खबर दे दे। पुलिस ने जब नरेंद्र को हिरासत में लिया तो उसने सब कुछ उगल दिया।
पुलिस ने नरेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने 20 अप्रैल 2019 की सुबह अपने किराएदार विजय गंगवार निवासी ग्राम दमखोदा थाना देवरनिया जिला बरेली के साथ मिलकर सास, ससुर और दो सालियों की हत्या करने की बात कबूली। इसके बाद मकान के आंगन की खुदाई की गई तो हीरालाल, हेमवती (55), दुर्गा (26) और पार्वती (20) के शव बरामद किए गए। नरेंद्र और विजय को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा लीलावती को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
मृतक की बेटी और आरोपी की पत्नी लीलावती ने इस पूरे मामले की जानकारी होने से इनकार किया है लेकिन 16 महीने तक उसके माता, पिता और दो बहनें गायब रहीं, इसकी जानकारी उसे न हो, यह कैसे हो सकता है। लीलावती की रहस्यमय चुप्पी इस मामले में संदेह पैदा करती है। सवाल यह है कि 16 महीने तक लीलावती के चार परिजन गायब रहे। यदि उसे हत्याओं का पता नहीं था तो परिजनों की खोजबीन के लिए उसने प्रयास क्यों नहीं किए? वह परिजनों की खोजबीन के लिए पुलिस के पास क्यों नहीं गई?
सूत्रों की मानें तो पूरे मामले में लीलावती की संलिप्तता होने की बात सामने आ रही है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। उधर, दुर्गा प्रसाद ने नरेंद्र, विजय और लीलावती के खिलाफ तहरीर दी है और केस दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।

