उत्तरप्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा पिछले ही महीने 17 और 18 फरवरी को आयोजित की गई थी। लेकिन इस परीक्षा को पेपर लीक होने से निरस्त कर दिया गया। इस वजह से परीक्षा दे रहे युवाओं को आघात पहुंचा। मामले की जाँच के लिए एसटीएफ को लगाया गया जिसने मामले को लेकर जगह -जगह जांच जारी रखी। एसटीएफ को इस मामले में बड़ी कामयाबी मिली है। यूपी पुलिस सिपाही भर्ती पेपर लीक करने वाले मास्टरमाइंड राजीव उर्फ़ राहुल मिश्रा समेत दो लोगों को एसटीएफ ने हिरासत में लिया है। स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ करने के बाद कई और लोगों को पकड़ने में पुलिस लगी है। मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार प्रिंटिंग प्रेस के नेटवर्क से यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। आरोपियों के पास से नकदी रुपए के अलावा मार्कशीट और लैपटॉप आदि बरामद हुआ था।
प्रिंटिंग प्रेस से निकलने के बाद प्रश्न पत्र को ट्रांसपोर्ट करने वाली कंपनी के द्वारा सॉल्वर के पास पहुंचाया गया था। एसटीएफ अब तक इस मामले में दूसरे राज्यों से कई लोगों को पकड़ रही है। अब तक इस मामले में करीब 396 लोगों को पकड़ा गया जा चुका है। गौरतलब है कि पेपर लीक होने के बाद पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड की DG रेणुका मिश्रा को हटाया गया था। दरअसल रेणुका मिश्रा पुलिस कांस्टेबल परीक्षा रद्द होने के बाद अभी तक पुलिस भर्ती बोर्ड की इंटरनल असेसमेंट कमेटी अपनी रिपोर्ट नहीं दे पाई और मामले में एफआईआर दर्ज करने में भी लापरवाही बरती गई। जिस कारण आईपीएस रेणुका मिश्रा को पुलिस भर्ती बोर्ड के डीजी पद से हटा दिया गया। मौजूदा समय में योगी सरकार ने डीजी विजिलेंस राजीव कृष्ण को यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
मुख्य आरोपी राजीव मिश्रा और रवि अत्रि ने ही दिल्ली पुलिस के सिपाही विक्रम पहल को पेपर दिया था। राजीव मिश्रा और रवि अत्रि के नेटवर्क से जुड़े अभिषेक शुक्ला ने पेपर ट्रांसपोर्ट करने वाली कंपनी के दो कर्मचारियों से पुलिस भर्ती का पेपर निकलवाया था। हरियाणा में 1000 अभ्यर्थियों को रिसॉर्ट में इकट्ठा कर पेपर से 2 दिन पहले अभ्यार्थियों को पेपर की तैयारी करने वाले नेटवर्क से ये लोग सीधे जुड़े हैं। जिनमें दिल्ली पुलिस का सिपाही विक्रम पहल, राजीव मिश्रा, रवि अत्री और अभिषेक शुक्ला शामिल हैं।

