मिग -21 जो पीओके में गिरने वाली घटना उस पर एक चौकाने वाला खुलासा सामने आया है। एफ -16 का पीछा करते हुए जब विंग कमांडर अभिनंदन अपनी देश की सीमा से पार पाकिस्तान की सीमा में घुस गए थे तब विंग कमांडर अभिनंदन को जो संदेश कमांड रूम से भेजा जा रहा था पाकिस्तान वायु सेना ने अभिनंदन के लिए भेजे जा रहे संदेश को भारतीय वायुसेना ने केवल वह सुना , बल्कि वह अभिनंदन तक पहुंचने से भी रोका जा रहा था। जब अभिनंदन ने आखरी संदेश सुना तो वो भारतीय सीमा में थे। वायु सेना के पास अगर सुरक्षित रेडियो संदेश होता तो विंगकमांडर अभिनंदन पाक में जाने से बच सकते थे। गो कोल्ड…गो कोल्ड … यानी लौट जाओ.. लौट आओ ..। यह था वो संदेश जो 27 फरवरी को अभिनंदन को भेजा जा रहा था। इसके चलते भारतीय वायु सेना ने यह जाना है की रेडियो संदेश भेजने की टेक्नोलॉजी भारत की असुरक्षित है।
वहीं एयर मार्शल रविकांत शर्मा एक्सपर्ट व्यू ने बताया हैं। जिस तरह हम व्हाट्सएप के संदेश एंटीक्रप्टड रूप में भेजते हैं, लेकिन वायुसेना द्वारा भेजे गए संदेश उन्हें डिकोड करके कहीं भी समझा जा सकता हैं।दुश्मन अलग सॉफ्टवेयर को दूसरी देशो से आयत करके इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले इज़राइल से रेडियो सैट खरीदने की तैयारी थी। लेकिन अब रक्षा मंत्रालय की तरफ से एक प्रपोज़ल को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाने पर काम करेगा जिसके तहत लड़ाकू विमान में बैठे पायलट और ग्राउंड पर मौजूद कंट्रोल रूम का रेडियो जाम नहीं होगा।

