भारत को क्रिकेट की दुनिया में अलग पहचान दिलाने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रहे अजीत वाडेकर का कल रात निधन हो गया है। 77 वर्षीय वाडेकर काफी समय से कैंसर से जूझ रहे थे। उन्होंने मुंबई के जसलोक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके परिवार में पत्नी रेखा के अलावा दो बेटे और एक बेटी है। वर्ष 1971 में अजित वाडेकर की अगुआई में भारत ने इंग्लैंड में पहली बार सीरीज जीती थी।
13 दिसंबर 1966 को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले वाडेकर आठ साल तक टीम इंडिया के स्थायी सदस्य रहे। साल 1971 में उन्हें भारतीय टीम का कप्तान घोषित किया गया। इस टीम में सुनील गावस्कर, गुंडप्पा विश्वनाथ, फारुख इंजीनियर, बिशन सिंह बेदी, इरापल्ली प्रसन्ना, भगवत चंद्रशेखर और श्रीनिवास वेंकटराघवन जैसे दिग्गज खिलाड़ी शामिल थे।
वे वेस्टइंडीज और इंग्लैंड की सरजमीं पर टीम इंडिया को पहली सीरीज जीत दिलाने वाले कप्तान थे। भारतीय टीम को यह सफलता साल 1971 में हासिल हुई थी।बांए हाथ के बल्लेबाज रहे वाडेकर ने 37 टेस्ट और 2 वनडे में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया। उनकी कप्तानी में ही भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ पहला एकदिवसीय मैच खेला था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वाडेकर ने नब्बे के दशक में टीम इंडिया के कोच का पद भी संभाला।
वाडेकर ने भारत के लिए 37 टेस्ट खेले। 37 टेस्ट की 71 पारियों में उन्होंने 31.07 की औसत से 2113 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 14 अर्धशतक जड़े। टेस्ट में उनका सर्वाधिक स्कोर 143 रन था। वहीं 2 वनडे मैचों में उन्होंने 36.50 की औसत से 73 रन बनाए। जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल है। वनडे में उनका सर्वाधिक स्कोर 67 रन रहा। वाडेकर ने टीम इंडिया की कमान 16 टेस्ट में संभाली जिसमें से 4 में उन्हें जीत और 4 में हार का सामना करना पड़ा। वहीं 8 मैच बराबरी पर समाप्त हुए। उनकी कप्तानी में ही भारतीय टीम ने साल 1971 में इंग्लैंड दौर पर 5 मैचों की सीरीज में 1-0 से जीत दिलाई थी। वहीं इसके बाद इंग्लैंड दौरे में उनकी टीम ने 3 मैचों की सीरीज में 1-0 से विजय हासिल की थी। यह इन दोनों देशों में भारतीय टीम का पहली सीरीज जीत थी।

