पश्चिम बंगाल में मई 2021 में विधानसभा चुनाव होना है, ऐसे में अभी से ही बीजेपी और टीएमसी में जुबानी जंग जारी है। बीजेपी की ओर से राज्य में 200 से अधिक सीटें जीतने का टारगेट रखा गया है। खुद गृह मंत्री अमित शाह लगातार बंगाल का दौरा भी कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस में आर-पार की जंग जारी है। पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस के नेता और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को लीगल नोटिस भेजा है।

ऐसा माना जा रहा है कि अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी नेता को ‘गुंडा और माफिया’ कहा था, जिसके बाद अब दिलीप घोष के वकील ने तीन दिन में माफी मांगने को कहा है।
दिलीप घोष एक गुंडा और माफिया हैं : अभिषेक बनर्जी
दरअसल 29 नवंबर को अभिषेक बनर्जी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए बीजेपी नेताओं पर निशाना साधा था। डायमंड हार्बर में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बंगाल बीजेपी के प्रमुख दिलीप घोष एक गुंडा और माफिया हैं। जबकि अमित शाह एक बाहरी हैं।

टीएमसी नेता ने अपने संबोधन में कहा कि,”कैलाश विजयवर्गीय का बेटा आकाश भी गुंडा है, मैं हर किसी का नाम लूंगा और उन्हें कानूनी लड़ाई लड़ने की चेतावनी देता हूँ। ”
अब दिलीप घोष ने जो नोटिस भेजा है, उसमें कहा है कि अभिषेक बनर्जी को अपना बयान तुरंत वापस लेना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।
दिलीप घोष ने खुद इस बयान पर कहा कि पहले लेफ्ट पार्टियां ऐसी भाषा का उपयोग करती थीं, लेकिन उनका खात्मा हो गया।
कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी
दिलीप घोष ने कहा कि, “टीएमसी में नंबर दो के नेता ऐसी भाषा बोल रहे हैं, वो भी विपक्ष की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को लेकर। इसलिए हमने कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी की है। जो मुझे माफिया कह रहे हैं वो खुद करोड़ों के बंगले में रहते हैं।”
बहरहाल टीएमसी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं क्योंकि पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री धीरे-धीरे विद्रोह पर उतारू हैं, लेकिन ममता बनर्जी के लिए सबसे बड़ा झटका पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल से पार्टी नेता शुभेंदु अधकारी का पद छोड़ना है। कई विधायक ऐसे हैं जो पार्टी के भीतर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) के हस्तक्षेप के खिलाफ भी बोल रहे हैं।
ऐसे में बीजेपी नेता दिलीप घोष पर आपत्तिजनक बयान से पार्टी को और भी नुकसान हो रहा है।

