चीन-भारत और भूटान सीमा पर नए गांव बसा रहा है। इन दोनों देशों को अलग करने वाले पहाड़ी क्षेत्रों में कम से कम 3 गांव चीन ने बसा लिए है। सूत्र बताते हैं कि चीनी नागरिक अपने नवनिर्मित घरों में जाने का इंतजार कर रहे हैं। तिब्बत फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स द्वारा एक बयान एक रिपोर्ट जार की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विवादित क्षेत्र के अंदर चीन के द्वारा बसाए गए तीन गांवों में से एक तमालुंग में तिब्बती शहर शिगात्से के 38 परिवार वहां जाने को तैयार हैं। सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि गरीबी उन्मूलन योजना के रूप में इन गांवों का विकास शुरू हुआ है। अमेरिका स्थित मैक्सार टेक्नोलॉजीज द्वारा ली गई सैटेलाइट इमेज में विवादित क्षेत्र में 147 नए घर दिखाई दे रहे हैं। दावा किया गया है कि भारत -भूटान की सीमाओं पर चीन ऐसे कई गांव बनाने की अपनी योजना पर तेजी से काम कर रहा है।
वर्ष 2017 में डोकलाम पठार में सड़क बनाने के चीन के प्रयासों के बाद भारत-चीन गतिरोध शुरू हुआ। जिससे दोनों पड़ोसियों के बीच तनाव पैदा हो गया था। भारत ने डोकलाम ट्राई जंक्शन पर चीनी सेना द्वारा सड़क निर्माण का कड़ा विरोध किया था। इसके बाद चीन ने अपना निर्णय वापस ले लिया था। पिछले साल तमालुंग के पूर्व में एक और सीमावर्ती गांव ग्यालाफुग आकार में दोगुना हो गया। बताया जा रहा है कि यह सब चीन की भारत के साथ राजनीतिक कुटनीति का ही एक हिस्सा है। जिसमें सीमा पर अधिक से अधिक लोगों को बसाया जा रहा है।
अब सामने आया चीन का नया विवाद