महामारी के बाद से ही पाकिस्तान महगाई की मार झेल रहा है। दिन पर दिन बढ़ती मंहगाई के चलते लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। एक ओर जहां लोगों ने इसके विरोध में सड़कों पर उतरना शुरू कर दिया है। वहीं चुनावी रैली में नवाज शरीफ की टोपी विवादों की वजह बनी हुई है। ईंधन, बिजली और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाओं की आसमान छूती कीमतों के कारण पडोशी मुल्क आर्थिक संकट से जूझ रहा है, ऐसे में नवाज शरीफ की टोपी अब एक विवाद बन चुकी है। खबरों अनुसार पंजाब प्रांत के एक जिले ननकाना साहिब में रैली के दौरान नवाज शरीफ ने एक लाख पाकिस्तानी रुपये (पीकेआर) से अधिक मूल्य की गुच्ची की टोपी पहने हुए थे।
महगाई से त्रस्त लोग सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो रहे हैं। पाकिस्तान अधीकृत कश्मीर के गिलगित-बाल्टिस्तान में आवाम गेहूं की कीमत में बढ़ोतरी के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। राजनीतिज्ञ विश्लेषकों के अनुसार आगामी चुनाव से पहले इस तरह का प्रदर्शन प्रभाव डाल सकता है। गिलगित-बाल्टिस्तान में जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। यहां बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए गए है । प्रदर्शन के कारण यातायात को निलंबित करना पड़ा। इसके अतिरिक्त इस विरोध प्रदर्शन के की वजह से गिलगित, स्कर्दू, डायमर, घाइजर, एस्टोर, शिघर, घनचे, खरमंग और हुंजा के विभिन्न इलाकों में दुकानें, बाजार, रेस्टोरेंट और व्यापार केंद्र 26 जनवरी को बंद रहे।
पाकिस्तानी मीडिया अनुसार अवामी एक्शन कमेटी ने ट्रान्सपोर्टों ,व्यापरियों ,और होटल ,मालिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले संघों के परामर्श से हड़ताल का घोषणा की। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, अवामी एक्शन कमेटी ने घोषणा करते हुए महंगाई के खिलाफ गिलगित और स्कर्दू की ओर 26 जनवरी से मार्च शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने गिलगित-बाल्टिस्तान सरकार के सब्सिडी वाले गेहूं की दर बढ़ाने का विरोध करते हुए इसे मुख्यमंत्री की विफलता करार दिया। विरोध प्रदर्शन के बीच जीबी गवर्नर सैयद मेहदी शाह ने इस्लामाबाद में राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी से मुलाकात करके गेहूं सब्सिडी सहित क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की। राष्ट्रपति ने राज्यपाल से कहा कि उन्होंने कार्यवाहक प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के साथ इस मुद्दे को उठाया है और उम्मीद है कि इसे जल्द ही हल किया जाएगा।
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