Country

जॉनसन एंड जॉनसन की सिर्फ एक डोज देगी कोरोना से प्रोटेक्‍शन! 

जॉनसन एंड जॉनसन

जॉनसन एंड जॉनसन(J&J) की वैक्‍सीन नॉन-रेप्लिकेटिंग वायरल वेक्‍टर वैक्‍सीन है। इसका मतलब यह है कि वैक्‍सीन के भीतर का जेनेटिक मटीरियल (GENETIC MATERIAL)शरीर में जाकर अपनी कॉपीज नहीं बनाएगा। यह इसलिए जरूरी है क्‍योंकि जब वायरस(VIRUS) शरीर में प्रवेश करता है तो वह अपनी कॉपीज बनाना शुरू करता है जिससे संक्रमण फैलता है। इस वैक्‍सीन को 2 से 8 डिग्री तापमान के बीच स्‍टोर कर सकते हैं। वहीं खुल चुके वायल्‍स 9 डिग्री से 25 डिग्री तापमान के बीच 12 घंटे तक रखे जा सकते हैं।

अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन(J&J) की वैक्सीन को भी भारत में आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी गई है। यह सिंगल डोज वैक्सीन है, यानी सिर्फ एक ही डोज लगाने से काम हो जाएगा। इसकी घोषणा खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) मनसुख मंडाविया ने की। वैसे तो उन्होंने इस बात का कोई खुलासा नहीं किया है कि इस वैक्सीन की कीमत (price of Johnson and Johnson single shot vaccine) भारत में क्या होगी, लेकिन पिछले दिनों एक रिपोर्ट ने इसकी कीमत को लेकर एक अंदाजा लगाया था।
न्यूज़ एजेंसी रायटर्स में छपी एक खबर के मुताबिक अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है कि भारत में ये वैक्सीन कब तक उपलब्ध होगी। कंपनी ने रायटर्स को बताया है कि,’ अभी से वैक्सीन की डिलीवरी पर कोई कमिटमेंट नहीं किया जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी को पहले सरकार के साथ सप्लाई के लिए एग्रीमेंट करना होगा, जिसमें कई कानूनी बाधाएं भी आती हैं।’  जून में ही मॉडर्ना की वैक्सीन को भारत में इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन कुछ कानूनी बाधाओं के चलते वैक्सीन अब तक भारत (India) में उपलब्ध नहीं हो सकी है।

जॉनसन एंड जॉनसन(J&J) की सिंगल शॉट वैक्सीन की कीमत क्या होगी?

जॉनसन एंड जॉनसन (J&J) की सिंगल शॉट वैक्सीन की कीमत को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, पिछले दिनों इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट में ये कहा गया था कि भारत में निजी अस्पतालों को ये वैक्सीन 25 डॉलर यानी करीब 1855 रुपये में मिल सकती है। वहीं इसे लगाने का खर्च करीब 150 रुपये आएगा और हो सकता है कि आपको कुछ जीएसटी (GST) भी चुकानी पड़ी। ऐसे में ये वैक्सीन आपको कम से कम 2000 रुपये की पड़ सकती है।
J&J कम्पनी  ने अपनी एप्लिकेशन में फेज 3 क्लिनिकल ट्रायल के डेटा का हवाला दिया है। इसके मुताबिक, सिंगल डोज वाली वैक्‍सीन(Vaccine) सभी क्षेत्रों में हुई स्‍टडीज में गंभीर बीमारी रोकने में 85% तक सक्षम पाई गई। डोज लगने के 28 दिन बाद, कोविड-19 से जुड़े हॉस्पिटलाइजेशन और मौत से भी वैक्‍सीन बचाती है।

You may also like

MERA DDDD DDD DD