लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं देश की सियासत भी गरमाने लगी है। नेताओं का दल-बदल भी जोरों पर है। महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना में पहले ही विभाजन हो चुका है। राज्य में जहां उद्धव और शरद गुट के नेताओं पर ईडी का शिकंजा कस रहा है तो वहीं कांग्रेस नेता शिवसेना और बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब कांग्रेस की बारी है? उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी मंत्री गिरीश महाजन ने दावा किया था कि कांग्रेस के कई नेता बीजेपी से जुड़ेंगे। इसके बाद से राज्य में ऑपरेशन लोटस की चर्चा तेज हो गई है। महाजन का यह दावा सही साबित होता भी दिख रहा है। कांग्रेस से कुछ दिनों पहले निष्कासित किए गए जलगांव के पूर्व सांसद और कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ उल्हास पाटिल, डॉ केतकी पाटिल अपने समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए। राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि पार्टी रावेर से पाटिल पिता-पुत्री में किसी को टिकट दे सकती है। अभी यहां से एनसीपी नेता एकनाथ खड़से की बहू रक्षा खड़से बीजेपी की सांसद हैं। कांग्रेस से बीजेपी में आते प्रदेश प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने डॉ केतकी पाटिल को बीजेपी महिला मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त करने का ऐलान कर दिया गया है। बीजेपी ने राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से 45 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।

राज्य में बीजेपी, शिवसेना (शिंदे) और एनसीपी (अजित गुट) के साथ लड़ने की पूरी संभावना है। मिलिंद देवड़ा के कांग्रेस छोड़कर मुंबई कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष नसीम खान का नाम भी चर्चा में आया था जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि एनसीपी और शिवसेना के बाद अब कांग्रेस में ऑपरेशन लोटस दिखाई पड़ सकता है। हालांकि महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष नाना पटोले इस आशंका से इंकार कर रहे हैं, उन्होंने ऑपरेशन लोटस के सवाल पर मीडिया से बातचीत में कहा कि बीजेपी विपक्ष के नेताओं को परेशान करने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।

कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने पिछले दिनों दावा किया था कि बीजेपी ने उनसे कांग्रेस छोड़ने के लिए दो बार संपर्क किया था। शिंदे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मां के समान है। वे पार्टी को नहीं छोड़ेंगे। शिंदे पहले ही सोलापुर लोकसभा सीट से नहीं लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। सोलापुर से उन्होंने प्रणीति शिंदे का नाम आगे किया है। मिलिंद देवड़ा के जाने और उल्लास पाटिल के बीजेपी में शामिल होने के बाद ऑपरेशन लोटस की चर्चा है। कहा जा रहा है कि जो नेता बीजेपी में नहीं जाएंगे वे शिवसेना (शिंदे) में जा सकते हैं। गौरतलब है कि बीजेपी महाराष्ट्र में अधिक से अधिक सीटें जीतना चाहती है। उत्तर प्रदेश के बाद सर्वाधिक लोकसभा सीटें महाराष्ट्र में हैं। इसलिए राज्य में ऑपरेशन लोटस की चर्चाएं तक जोर पकड़ रही हैं।

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