फिर ट्रंप की शरण में इमरान खान
कश्मीर में पल-पल बदलते घटनाक्रम के बीच पकिस्तान भी बेचैन नजर आ रहा है। हाल ही में अमेरिका दौरे से लौटे पकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस मुद्दे पर देश के शीर्ष अधिकारियों की बैठक बुलाई तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मदद भी मांगी, जिन्होंने हाल में कई बार कहा कि वह कश्मीर मुद्दे पर भारत और पकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने के लिए तैयार हैं।
कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, पकिस्तान की मिलीभगत से अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाने की आतंकी साजिश का हवाला देते हुए अमरनाथ यात्रा के समय में कटौती और पर्यटकों व श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द घाटी छोड़ देने के निर्देश के बाद वहां धारा 144 भी लगा दी गई है और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को भी घर में नजरबंद कर दिया गया है। घाटी में स्कूल, कॉलेज बंद कर दिए गए हैं तो मोबाइल, इंटरनेट सेवा भी ठप है। ऐसे में अटकलें जोरों पर हैं कि भारत सरकार कश्मीर के मसले पर कोई बड़ा फैसला ले सकती है। हालांकि यह फैसला क्या होगा, इस बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
इन घटनाक्रमों के बीच इमरान खान ने कल रविवार को देश के शीर्ष नौकरशाहों और सैन्य अधिकारियों की बैठक बुलाई। पकिस्तान में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की यह बैठक सेना के इस आरोप के बाद बुलाई गई कि भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया, जो जेनेवा संधि और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। हालांकि भारतीय सेना पहले ही इन आरोपों को ‘झूठा व मनगढ़ंत’ करार देते हुए खारिज कर चुकी है। पकिस्तान में हुई एनएससी की बैठक में रक्षा मंत्री परवेज खत्ताक, विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, गृह मंत्री ब्रिगेडियर (सेवानिवृत) एजाज शाह, सेना के तीनों अंगों के प्रमुख, आईएसआई के प्रमुख और अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।
कश्मीर पर भारत के कदमों से बौखलाए पकिस्तान ने यह भी कहा कि वह भारत के किसी भी दुस्साहस और उकसावे की कार्रवाई का जवाब देने और अपना बचाव के लिए तैयार है। एनएससी की बैठक के बाद पकिस्तान ने एक बार फिर कहा कि वह कश्मीर के लोगों को अपना कूटनीतिक, नैतिक और राजनीतिक समर्थन देता रहोगा। उसने यह भी कहा कि भारत अपने इरादों को लेकर एक्सपोज हो गया है और कश्मीर पर उसने गलत समय चुना है।
पकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान एक बार फिर दोहराता है कि कश्मीर लंबे समय से अनसुलझा अंतरराष्ट्रीय विवाद है, जिसके लिए शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता है। लिहाजा पाकिस्तान भारत से अपील करता है कि वह कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप इस मुद्दे के हल के लिए आगे आए।

