देश की सबसे बड़ी फिनटेक कनापियों मेसे एक वन97 एक बड़ी कंपनी है। इस कंपनी के ओनर विजय शेखर शर्मा हैं। इनके द्वारा ही पेटीएम ऐप बनाया गया था। पेटीएम आज तक का सबसे बड़ा आईपीओ के रूप में जाना जाता है। लेकिन कुछ गतिविधियों के कारण यह आरबीआई के निशाने पर आ गया। जिसके बाद इसपर रोक लगने से इसके शेयर धड़ाम से गिरने लगे थे, लेकिन आज पेटीएम के शेयरों पर आज अपर सर्किट लग गया है। बाजार में गिरावट के बावजूद पेटीएम के शेयरों में लगातार दूसरे दिन शेयरों में तेजी आई है। बुधवार को यह पांच परसेंट चढ़ा था जबकि गुरुवार को इसने 10 परसेंट के अपर सर्किट को छू लिया है। यह पहला मौका है जब पेटीएम के शेयर में बढ़ोत्तरी देखी गई है। इस तरह दो दिन में इसमें 15 फीसदी तेजी आई है। 7 फरवरी को को खबर आई कि कंपनी के सीईओ विजय शेखर शर्मा ने फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के साथ 10 मिनट की मीटिंग की है। बस फिर क्या था। हवा का रुख बदला और पेटीएम का शेयर रॉकेट बन गया है।
गुरुवार को दस फीसदी तेजी के साथ 496.75 रुपये पर पहुंच गया। आरबीआई ने पिछले हफ्ते एक आदेश जारी करके पेटीएम पेमेंट्स बैंक की सभी सेवाओं पर मार्च से रोक लगा दी है। आरबीआई के ऑर्डर के मुताबिक केवल ट्रांसफर और विड्रॉल की अनुमति होगी लेकिन यूजर्स 29 फरवरी से अपना वॉलेट या फास्टैग का टॉप अप नहीं कर पाएंगे। साथ ही अकाउंट में पैसा डिपॉजिट भी नहीं हो किया जा सकेगा। आरबीआई के इस एक्शन से पेटीएम के निवेशकों में खलबली मच गई थी। कंपनी के शेयरों में लगातार लोअर सर्किट लग रहा था। इसके बाद शर्मा ने मोर्चा संभाला और एक्शन में आ गए। बुधवार को उन्होंने सीतारमण के साथ-साथ आरबीआई के अधिकारियों के साथ भी बैठक की है।
मीटिंग के बाद शर्मा ने साथ ही यूजर्स को आश्वासन दिया कि उनका पैसा सुरक्षित है और 29 फरवरी के बाद भी पेटीएम का ऐप सामान्य रूप से काम करता रहेगा। पेटीएम का आईपीओ नवंबर वर्ष 2021 में आया था। यह उस समय तक देश का सबसे बड़ा आईपीओ माना गया था। इसका इश्यू मूल्य 2,150 रुपये था। लेकिन इसकी लिस्टिंग फीकी रही और यह कभी भी इश्यू प्राइस के आसपास नहीं पहुंच पाया। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 998.30 रुपये रहा। कंपनी का शेयर पिछले साल 20 अक्टूबर को इस स्तर पर पहुंचा गया है। बुधवार को यह 395.50 रुपये तक गिर गया था जो इसका 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर है।

