अगला साल पूरी दुनिया के लिए राजनीतिक तौर पर अहम है। केवल भारत में ही नहीं, दुनिया के 40 से ज्यादा देशों में आम चुनाव होने वाले हैं। इस में अमेरिका,रूस, इंग्लैंड, बांग्लादेश और पाकिस्तान सहित यूरोप के भी देश शामिल है। पाकिस्तान, बांग्लादेश और ताइवान में जनवरी में चुनावी मौसम शुरू हो जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव नवंबर 2024 में होंगे। दुनिया भर में चुनावों से पहले ही पार्टियों द्वारा तैयारियां और वादों की बौछार देखने को मिलती रहती है।
इस साल यूरोप यूरोपीय संघ के 27 देशों के मतदाता राष्ट्रीय पार्टियों के प्रतिनिधियों के लिए मतदान करेंगे। मौजूदा रुझान दक्षिणपंथी पार्टियों के पक्ष में झुका हुआ है।प्रमुख मुद्दे: मुद्रास्फीति, यात्री नीति, विदेश नीति
अमेरिका
राष्ट्रपति जो बिडेन चुनाव पूर्व अनुमानों से पीछे चल रहे हैं। इन चुनावों में बाइडेन का स्वास्थ्य भी एक बड़ा मुद्दा है। कानूनी चुनौतियों के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप आगे चल रहे हैं।
मुख्य मुद्दे: यूक्रेन युद्ध, अर्थव्यवस्था और यात्रा नीति
रूस
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का सत्ता में बने रहना तय लग रहा है क्योंकि उनकी अप्रूवल रेटिंग अच्छी है। हालांकि, मतदान प्रतिशत घटने पर उनके सामने संकट खड़ा हो जाता है।
मुख्य मुद्दे: यूक्रेन युद्ध और अर्थव्यवस्था
भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता उनकी पार्टी की लोकप्रियता से कहीं ज्यादा है। भारत में तो चुनावों से पहले ही कई तरह की तैयारियां और पक्ष-विपक्ष आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो चुके हैं।
प्रमुख मुद्दे: महंगाई, बेरोजगारी, कश्मीर और अयोध्या में राम मंदिर
बांग्लादेश 7 जनवरी
ताइवान 13 जनवरी
इंडोनेशिया 14 फरवरी
ईरान 01 मार्च
रूस 17 मार्च
भारत अप्रैल-मई
दक्षिण अफ्रीका मई-जून
यूरोपीय संघ 6 जून
अमेरिका 5 नवंबर
वेनेजुएला, मैक्सिको, पाकिस्तान, ट्यूनीशिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम में भी चुनाव में भी इसी साल चुनाव होने हैं।

