लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन की हिंसक झड़प के लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं। शनिवार को लगातार चौथे दिन राहुल ने ट्वीट किया कि चीन के आक्रमण के आगे प्रधानमंत्री ने सरेंडर कर दिया। राहुल ने यह भी पूछा कि अगर वह जमीन चीन की थी तो भारत के सैनिक शहीद क्यों हुए और जवान शहीद कहां हुए?
PM has surrendered Indian territory to Chinese aggression.
If the land was Chinese:
1. Why were our soldiers killed?
2. Where were they killed? pic.twitter.com/vZFVqtu3fD— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 20, 2020
1. गलवान में चीन का हमला सोची-समझी साजिश थी।
2. सरकार गहरी नींद में थी, उसने समस्या को नहीं समझा।
3. शहीद हुए जवानों ने इसकी कीमत चुकाई।
It’s now crystal clear that:
1. The Chinese attack in Galwan was pre-planned.
2. GOI was fast asleep and denied the problem.
3. The price was paid by our martyred Jawans.https://t.co/ZZdk19DHcG
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 19, 2020
राहुल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी सीधे सवाल किए थे। रक्षा मंत्री ने कहा था कि गलवान वैली में हमारे सैनिकों के शहीद होने से दुखी हैं। राहुल ने उनसे पूछा कि आप चीन का नाम क्यों नहीं ले रहे। भारतीय सेना को बेइज्जत क्यों कर रहे हैं? जब सैनिक शहीद हो रहे हैं तो आप रैलियां कर रहे हैं? चीजें छिपाई क्यों जा रही हैं?
कौन ज़िम्मेदार है? pic.twitter.com/UsRSWV6mKs
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 18, 2020
राहुल ने गुरुवार को भी सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि हमारे जवान बिना हथियारों के शहीद होने के लिए क्यों भेज दिए गए। इसके लिए कौन जिम्मेदार है। वहीं दूसरी तरफ चीन ने शुक्रवार देर रात फिर गलवान घाटी को अपना बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाऊ लिजियन ने कहा कि गलवान घाटी चीन का हिस्सा है और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएससी) से हमारी तरफ है। भारतीय सैनिक यहां पर जबरन रोड और ब्रिज बना रहे हैं।
चीन के अलग-अलग अफसरों ने चार दिन में पांचवीं बार कहा कि 15 जून की शाम को भारतीय सैनिकों ने समझौते को तोड़ते हुए जानबूझकर एलएसी को पार किया और चीन के सैनिकों पर हमला किया। लिजियन ने कहा कि 15 जून की घटना के लिए भारत जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि गलवान घाटी वास्तविक नियंत्रण रेखा के चीनी हिस्से में आता है। कई सालों से वहां चीनी गार्ड गश्त कर रहे हैं और अपनी ड्यूटी निभाते हैं।