दक्षिण भारत के सुपर स्टार रजनीकांत बड़े धर्म संकट में इन दिनों फंसे बताए जा रहे हैं। उन पर अपने विशाल प्रसंशक वर्ग का भारी दबाव राजनीति में प्रवेश करने को लेकर बढ़ता जा रहा है तो दूसरी तरफ भाजपा भी उन्हें अपनी तरफ खींचने के प्रयास कर रही है। रजनी फैन क्लब के साथ रजनीकांत कई दौर की बैठकें कर चुके हैं लेकिन अपना स्टैंड वे क्लीयर नहीं कर पा रहे है। सूत्रों का दावा है कि सुपर स्टार पर परिवार का दबाव राजनीति ज्वाइन न करने का है। परिजन उनके नाजुक स्वास्थ को लेकर चिंतित हैं। गौरतलब है कि 2016 में ही रजनीकांत की किडनी ट्रांसप्लांट की गई है। ऐसे में कोविड-19 की महामारी के बीच रजनीकांत का रजनीति में प्रवेश करना खतरनाक साबित हो सकता है। सूत्रों का यह भी कहना है कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से भी रजनी लगातार संपर्क में हैं। भाजपा नेतृत्व तमिलनाडु में रजनीकांत के सहारे अपनी जमीन मजबूत करने के मंसुबे पाल रहा है। रजनीकांत के करीबी एक कांग्रेसी नेता का हालांकि दावा है कि यदि सुपर स्टार राजनीति में आते भी हैं तो वे खुद की पार्टी बनाना पसंद करेंगे और चुनाव नतीजों बाद ही यूपीए या एनडीए के साथ जाने का फैसला लेंगे।
धर्म संकट में रजनी

