सुप्रीम कोर्ट में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर सैफुद्दीन सोज की नजरबंदी के मामले को लेकर जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने एक हलफनामा दाखिल किया था। अपने हलफनामे में प्रशासन ने कहा था कि सोज न तो हिरासत में हैं और न ही हाउस अरेस्ट हैं।
इतना ही नहीं प्रशासन ने ये भी कोर्ट से कहा है कि सोज की पत्नी की तरफ से झूठा दावा किया गया कि वो नजरबंद हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इसके बाद सैफुद्दीन सोज की रिहाई वाली याचिका पर सुनवाई बंद कर दी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुंकि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कह दिया है कि सोज हिरासत में नहीं हैं इसलिए हम अब इस मामले में नहीं जाएंगे। लेकिन कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिससे साबित होता है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में जो दावा किया था वह झूठ था।
पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने सोज का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें देखा जा सकता है कि वो अपनी चार दीवारी से बाहर झांक कर वीडियो रिकॉर्ड कर रहे शख्स से कुछ कह रहे हैं। इतने में पुलिस आती और उन्हें पकड़ ले जाती है।
कुछ देर बाद पुलिस के कुछ जवान आते हैं और कहते हैं कि यहां रिकॉर्ड करने की इजाजत नहीं हैं। सोज चिल्लाकर कहते हैं कि मुझे यहां बंद कर रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आई एम फ्री पर्सन, लेकिन मुझे यहां बंद कर रखा गया है और कहा जा रहा है कि ऊपर से ऑर्डर है।
3 pm: Saifuddin Soz will join me on @IndiaToday .: my colleague @mausamii2u has also confined with him on record his claim that he is not being allowed to leave residence https://t.co/TsZdrH81L6
— Rajdeep Sardesai (@sardesairajdeep) July 30, 2020
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी एनडीटीवी का एक वीडियो शेयर किया है। यह सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के कुछ ही घंटे बाद का फुटेज है जिसे रिपोर्ट में चैनल ने दिखाया है। खबर के मुताबिक, पुलिसवालों ने सोज को श्रीनगर स्थित उनके आवास ने बाहर निकलने या मीडिया से बात करने की इजाजत नहीं दी।
जब रिपोर्टर पहुंचा तो गेट अंदर से बंद कर दिया गया। तार के बैरिकेड के पीछे से सोज पुलिसवाले पर चिल्लाते दिखे। सोज वीडियो में कहते नजर आए, “जब मैं नजरबंद हूं तो सुप्रीम कोर्ट में सरकार कैसे कह सकती है कि सोज मुक्त हैं।”
सोज ने कहा, “5 अगस्त, 2019 से जब भी मैं अपने परिसर से बाहर गया मुझे सरकार से अनुमति लेनी पड़ी। अब मैंने 5 अगस्त, 2019 से अपनी गैरकानूनी नजरबंदी के लिए सरकार पर मुकदमा चलाने का फैसला किया है। नागरिक स्वतंत्रता के अतिक्रमण और अवैध निलंबन के लिए मैं सरकार पर मुआवजे के लिए मुकदमा करुंगा जिसके लिए मैं संविधान के तहत हकदार हूं।”
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, सोज ने उनसे फोन पर कहा, “मैं गेट पर हूं, मैं अपनी बेटी से मिलना चाहता हूं और लेकिन पुलिस मुझे जाने नहीं दे रही है। वे कह रहे हैं कि उन्हें कोई आदेश नहीं मिला है (उन्हें बाहर जाने के लिए)। उन्हें कब आदेश मिलेगा?”
The illegal detention of political leaders with absolutely no basis damages the fabric of our nation.
Mr Soz must be released at once. pic.twitter.com/TGfkjSx3qI
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 30, 2020
वहीं सोज की पत्नी मुमताजुन्निसा सोज की तरफ से बात करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने बताया, “अगस्त के महीने में एक दिन आप मुझे नजरबंद करते हैं और अब अपने जवाबी हलफनामे में वे कहते हैं कि मैं आजाद व्यक्ति हूं।” सिंघवी कहना है कि कांग्रेस नेता सोज बीमार थे और उन्होंने सिर्फ इलाज के सिलसिले में यात्रा की थी।