हाल ही में रूपौली विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय जीत दर्ज करने वाले शंकर सिंह ने नीतीश की तारीफ करके सबका ध्यान खींचा है। शंकर सिंह ने कहा कि वो नीतीश के काम से प्रभावित हैं। बिहार के विकास के लिए नीतीश अच्छा काम कर रहे हैं और वो उनकी नीतियों का समर्थन करते हैं। इस बयान के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि शंकर सिंह जदयू में शामिल हो सकते हैं। असल में सीएम नीतीश कुमार के करीबी संजय सिंह के घर पर शंकर सिंह ने पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘सीएम नीतीश कुमार के कामकाज से मैं काफी प्रभावित हूं। उन्होंने बिहार के विकास के लिए काफी कुछ किया है, इसलिए मैं उनकी नीतियों का समर्थन करता हूं।’ लेकिन जब शंकर सिंह से पूछा गया कि वो किस तरफ जाएंगे तो उन्होंने कहा कि विधानसभा में बहुत सारी कुर्सियां हैं और वो सब एमएलए के लिए ही हैं। उन्होंने लालू-राबड़ी शासन का जिक्र किया और कहा कि 2005 से पहले बिहार अपराध से कराह रहा था। नीतीश कुमार जब मुख्यमंत्री बने तो अपराध पर लगाम लगाई गई। इस बात को कोई भी झूठा नहीं ठहरा सकता। गौरतलब है कि 90 के दौर में रुपौली विधायक शंकर सिंह ने नॉर्थ बिहार लिबरेशन आर्मी बनाई थी। उस वक्त बिहार में जातीय संघर्ष का दौर था और शंकर सिंह के बारे में कहा जाता था कि वो अगड़ों के लिए लड़ाई लड़ रहे थे। उनकी लड़ाई लालू-राबड़ी शासन के खिलाफ भी थी। शंकर सिंह के पूर्व सांसद आनंद मोहन से भी अच्छे सम्बंध हैं। अब जदयू नेता संजय सिंह से मुलाकात के बाद नीतीश को समर्थन देने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि खुद न शंकर सिंह ने इसकी पुष्टि की है और न ही जदयू के किसी नेता ने। वैसे तो वो लोजपा रामविलास में थे लेकिन सीट जदयू के खाते में जाने के बाद उन्होंने निर्दलीय ताल ठोक दी। उनके कद का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि उन्होंने इस चुनाव में राजद उम्मीदवार बीमा भारती को तीसरे नंबर पर धकेल दिया।

