मध्य प्रदेश में उपचुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। प्रदेश में पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में से एक सतीश सिकरवार ने आज भाजपा कांग्रेस का दामन थाम लिया है। पीसीसी के दफ्तर में पूर्व मुख्य्मंत्री कमलनाथ ने सिकरवार को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। ग्वालियर में इसे भाजपा के लिए काफी बड़ा झटका माना जा रहा है।
कांग्रेस में शामिल होते ही उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा में रहकर सामंतवादी ताकतों के खिलाफ लड़ते रहे हैं और ये लड़ाई अब कांग्रेस के मंच से जारी रहेगी। ये लड़ाई सिंधिया के खिलाफ है और हम लड़ते रहेंगे। सतीश ने 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुन्नालाल गोयल के खिलाफ भाजपा की तरफ से चुनाव लड़ा था और हार गए थे। परंतु बाद में मुन्ना लाल ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे। जिसके कारण कमलनाथ की सरकार गिर गई थी और दोबारा बीजेपी सत्ता में आ गई। माना जा रहा है कि कांग्रेस की तरफ से इन्हें ग्वालियर पूर्व सीट से टिकट मिल सकता है।

सतीश सिकरवार के कांग्रेस में शामिल होने पर पार्टी उनका स्वागत किया और कहा कि “भाजपा के नेतागण कार्यकर्ता बड़ी संख्या में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में रोज शामिल हो रहे हैं। कल कुछ लोगों ने प्रवेश लिया था। हम इसे पब्लिसिटी या इवेंट का रूप नहीं देते हैं, यह तो भाजपा की राजनीति है”। सिकरवार के साथ दो पार्षद और 150 से अधिक कार्यकर्ता भी कांग्रेस में शामिल हुए और सदस्यता ली। वहीं दूसरी तरफ भाजपा के नेता और प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सतीश सिकरवार के कांग्रेस में शामिल होने पर कहा कि “बीजेपी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मन चाहिए कुछ कर गुजरने के लिए भाषण नहीं। संसाधन तो सभी जुटा जाएंगे, संकल्प का धन चाहिए। शिवराज जी की इच्छा शक्ति है, सदैव से किसानों के पक्ष की रही है”।

