- संजय चौहान
भूबैकुंठ नगरी श्री बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आमद बढ़ने से धार्मिक पर्यटन तीर्थाटन अपने चरम पर है। यात्रा के रफ्तार पकड़ने से जहां होटल, लॉज, रेस्टोरेंट, तुलसी प्रसाद, की दुकान चलाने वाले कारोबारियों के चेहरे खिले हुए नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ श्री बदरीनाथ जी के दर्शनों के पश्चात श्रद्धालु बदरी पुरी के आसपास के दर्शनीय तीर्थ स्थलों में भारी तादात में पहुंच रहे हैं, बदरी पुरी से करीब दो किलोमीटर पद यात्रा करने के बाद नील कंठ पर्वत की तलहटी पर स्थित मनोरम आध्यात्मिक पौराणिक चरण पादुका तीर्थ स्थल पर इन दिनों चारों ओर कचरे का अंबार लग हुआ है, इस खूबसूरत उच्च हिमालयी बुग्याली आध्यात्मिक धार्मिक क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता पर यहां चारों तरफ बिखरा प्लास्टिक कूड़ा कचरा बदनुमा दाग लगा रहा है।
चरण पादुका स्थल भगवान श्री हरि नारायण के पादुका के निशान एक शिला पर मौजूद हैं जिसके दर्शन करने प्रतिदिन सैकड़ों तीर्थयात्री यहां पहुंचते हैं। लेकिन वे अपने पीछे यहां प्लास्टिक की खाली बोतलें, ग्लास, पत्तल, खाने पीने के सामान के खाली पैकेट, सहित कपड़े आदि वहीं छोड़ जा रहे हैं। यह सिलसिला कई सालों से चल रहा है। स्थानीय बामणी गांव बद्रीनाथ के निवासी राम नारायण भंडारी, पुलना गांव के उमेश चौहान बताते हैं कि बदरी विशाल के कपाट खुलने के बाद उन्होंने श्री हरि नारायण के दर्शनों के बाद आध्यात्मिक शांति वाले क्षेत्र चरण पादुका नीलकंठ बेस कैंप तक की पद यात्रा की लेकिन चरण पादुका तीर्थ में लगे कचरे का अम्बार देख उनका मन काफी आहत हुआ है। जगह-जगह प्लास्टिक कूड़ा, खाने-पीने का सामान के खाली पैकेट, पीने के पानी की खाली बोतलें, ग्लास और गंदे कपड़े बिखरे पड़े हैं। कुछ गार्बेज तो कई वर्षों पुराना नजर आया जो बर्फ के नीचे दबा है और अब बर्फ पिघलने पर नजर आ रहा है। बड़ी विडंबना है कि हमलोग अपने तीर्थ स्थलों खास कर उच्च हिमालयी क्षेत्र के इन आध्यात्मिक पर्यटन स्थली को इस तरह कचरे से पाट रहे हैं जो शर्मनाक है।
लोगों का कहना है कि शीतकाल में यहां बर्फबारी होने से ये कूड़ा कचरा बर्फ में दब रहा था जो आजकल बर्फ पिघलने पर साफ- साफ चमकने लगा है। इससे चरण पादुका तीर्थ में चारांे ओर पसरा हुआ कूड़ा-कचड़ा साफ नजर आ रहा है। इस खूबसूरत हिमालयी तीर्थ क्षेत्र चरण पादुका की पवित्रता के साथ ही आस्था और प्राकृतिक वातावरण से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। यही हाल रहा तो आने वाले समय में नील कंठ चरण पादुका तीर्थ क्षेत्र कूड़ा कचरे का डम्पिंग जॉन बन कर रह जाएग। चिंता का विषय यह है कि इस तीर्थ स्थल क्षेत्र में बढ़ रहे कचरे को लेकर न तो नगर पंचायत बद्रीनाथ संजीदा है और न ही वन विभाग। अधिकांश यात्री यहां आस्था कम और पिकनिक स्पॉट की उद्देश्य को लेकर इस क्षेत्र में पहुंच रहे हैं और यहां इस तरह कूड़े-कचरे को छोड़कर लौट रहे हैं और क्षेत्र के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

