देश में इन दिनों एक ओर जहां लोकसभा चुनाव अपने अंतिम चरण में है वहीं सियासी तूफान अपने चरम पर पहुंच गया है। खासकर उत्तर प्रदेश में जहां कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के बयान के बाद अब बीजेपी के सहयोगी दलों ने उनकी घेरेबंदी शुरू कर दी है। पहले अपना दल सुप्रीमो अनुप्रिया पटेल ने बयान दिया तो राजा भैया ने भी मोर्चा खोल दिया। अब एनडीए के घटक दल सुभासपा चीफ ओपी राजभर ने भी राजा भैया पर शब्दों के बाण चलाए। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि मिर्जापुर की ही तरह राजा भैया के नाराज समर्थक घोसी सीट पर राजभर के बेटे के खिलाफ मोर्चा खोल सकते हैं और समीकरण बदल सकते हैं। ओम प्रकाश राजभर ने एक इंटरव्यू देते हुए कहा कि ‘अनुप्रिया पटेल ने कुछ भी गलत नहीं कहा है सच कड़वा होता है। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने देश की सभी रानियों का ऑपरेशन कर दिया है। अब राजा रानियों के पेट से नहीं, बल्कि ईवीएम से पैदा होगा।’ चर्चा है कि ओपी राजभर के इस बयान के बाद घोसी लोकसभा सीट में भी सियासी समीकरण बदल सकते हैं। घोसी सीट बीजेपी ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के कोटे में दी थी और यहां से राजभर के बेटे अरविंद राजभर मैदान में हैं। असल में ओपी राजभर का यह बयान तब सामने आया है, जब अनुप्रिया पटेल के प्रतापगढ़ के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पर आए बयान के बाद उनके समर्थकों ने मिर्जापुर सीट पर उनके खिलाफ बिगुल बजा दिया। गौरतलब है कि घोसी लोकसभा सीट में भले ही राजभर और चौहान निर्णायक भूमिका निभाते हैं लेकिन, राजपूत और भूमिहार भी किसी भी खेल को बनाने और बिगाड़ने में अहम हो सकते हैं। इस सीट में 60 हजार राजपूत और 40 हजार भूमिहार हैं। माना जाता है कि रघुराज प्रताप सिंह इन दोनों जाति में अपनी पकड़ रखते हैं लिहाजा यदि ओपी राजभर के बयान से नाराज राजा भैया घोसी में भी अपनी या फिर अपने कार्यकर्ताओं की मौजूदगी दर्ज कराते हैं तो राजभर की राह में कांटे बिछा सकते हैं।
घोसी में बदल सकते हैं समीकरण

