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रोचक हुई प्लेऑफ की रेस

आईपीएल अब अपने अंतिम पड़ाव में है जहां सभी टीमें अंतिम चार में पहुंचने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं। शीर्ष की दो टीमें कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स का प्लेऑफ में प्रवेश करना लगभग तय माना जा रहा है। दूसरी तरफ हर बार की तरह इस बार भी निचले स्थान पर चल रही टीमें दूसरों का समीकरण बिगाड़ प्लेऑफ की दौड़ को रोचक बनाने का काम कर रही हैं

फोटोः क्रिकेट गूगली के ट्वीटर हैंडल से, राजस्थान रॉयल्स टीम

इंडियन प्रीमियम लीग यानी आईपीएल 2024 अब अपने अंतिम पड़ाव में है जहां सभी टीमें अंतिम चार में पहुंचने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं। शीर्ष की दो टीमें कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स 16-16 अंक लेकर अच्छी स्थिति में है और इनका प्लेऑफ में प्रवेश करना लगभग तय माना जा रहा है। असली मुकाबला तीसरे और चौथे स्थान के लिए है जिसके लिए टीमें जीतोड़ मेहनत कर रही है। हर सीजन की तरह इस बार भी निचले स्थान पर चल रही टीमें दूसरों का समीकरण बिगाड़ रही हैं और ऐसा ही कुछ बीते 6 मई को मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मैच के दौरान भी देखने मिला। इस मैच में मुंबई ने हैदराबाद को हराकर प्लेऑफ की दौड़ को रोचक बना दिया है।

इस मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में आठ विकेट गंवाकर 173 रन बनाए। जवाब में मुंबई की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसके सलामी बल्लेबाज जल्दी अपना विकेट गंवा बैठे। लेकिन इसके बाद सूर्यकुमार यादव ने में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 51 गेंदों का सामना किया और नाबाद 102 रनों की शतकीय पारी खेली। सूर्यकुमार ने इस दौरान तिलक वर्मा के साथ शानदार साझेदारी निभाई और दोनों बल्लेबाजों ने हैदराबाद के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। सूर्य के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत मुंबई ने 17.2 ओवर में तीन विकेट गंवाकर 174 रन बनाए और सात विकेट से मुकाबला जीत लिया।

 

तीसरे स्थान पर बरकरार हैदराबाद
मुंबई इस जीत के साथ अंक तालिका में 10वें से नौवें पायदान पर पहुंच गई है। अब टीम के खाते में आठ अंक हो गए हैं, वहीं नेट रन रेट 0.212 का हो गया है। इसके अलावा सनराइजर्स हैदराबाद 11

कोलकाता नाईट राइडर्स

मैचों में छह जीत और पांच हार के साथ 12 अंक लेकर अंक तालिका में चौथे स्थान पर बरकरार है। हैदराबाद की टीम भले ही शीर्ष चार में मौजूद है, लेकिन मुंबई के खिलाफ हार ने उसे बैकफुट पर धकेल दिया था। हैदराबाद को अब प्लेऑफ में पहुंचने के लिए अपने तीन में से दो मुकाबले हर हाल में जीतने थे। हैदराबाद का नेट रन रेट 0.065 का हो गया है जो उसके लिए चिंता का विषय बन उभरा था, वहीं 11 मैच के बाद 12 अंक लेकर तीसरे स्थान पर चल रही चेन्नई सुपर किंग्स का नेट रन रेट 0.700 है जो उसके लिए राहत की बात है। लेकिन अपने बारहवें मुकाबले में हैदराबाद ने लखनऊ को न सिर्फ दस विकेट से मात दी, बल्कि अपना नेट रनरेट भी काफी बेहतर कर लिया है। हैदराबाद इस जीत से 14 अंकों के साथ अंक तालिका में तीसरे पायदान पर पहुंच गई है।
दूसरी तरफ बुरी हार की वजह से लखनऊ को बड़ा नुकसान हुआ है। हालांकि टीम अभी भी 12 मैच में 6 जीत के साथ छठे स्थान पर बरकरार है। लेकिन नेट रनरेट -0.769 होने के चलते उसका अंतिम चार में जगह बनाना आसान नहीं है।

 

हैदराबाद, लखनऊ, सीएसके और दिल्ली कैपिटल के बीच है टक्कर
तीसरे और चौथे स्थान के लिए मुख्य रूप से हैदराबाद, लखनऊ, दिल्ली, सीएसके के बीच टक्कर है। इन टीमों में सीएसके को छोड़कर सभी ने अब तक 12 मैच खेल लिए हैं और दिल्ली, लखनऊ के ही 12-12 अंक है तो वहीं हैदराबाद के 14 अंक हैं। दिल्ली और लखनऊ की तुलना में सीएसके का नेट रनरेट बेहतर है। तीनों ही टीमों के लिए अंतिम चार की दौड़ में रहने के लिए जीत जरूरी है। केकेआर को तीन मैच खेलने हैं, जबकि राजस्थान के चार मैच शेष हैं। यह दोनों ही टीम अगर एक मैच भी जीत लेती हैं तो प्लेऑफ में आधिकारिक रूप से पहुंच जाएंगी। राजस्थान और
केकेआर का नेट रनरेट भी अन्य टीमों की तुलना में बेहतर है और अगर इन दोनों टीमों को बड़ी हार का सामना नहीं करना पड़ा तो किसी भी टीम के लिए इनके बराबर पहुंचना आसान नहीं होगा। पांचवे स्थान पर मौजूद दिल्ली के लिए भी संभावनाएं पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। दिल्ली 12 मैचों के बाद छह जीत के साथ 12 अंक हैं।

दिल्ली के लिए आसानी नहीं है राह

प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए दिल्ली के लिए सिर्फ अपने सभी मैच जीतना ही सबकुछ नहीं होगा। उसे उम्मीद करनी होगी कि हैदराबाद, लखनऊ और सीएसके की टीम ज्यादा सफलता हासिल नहीं कर सके। दिल्ली को साथ ही अपने नेट रनरेट का भी ध्यान रखना होगा। मौजूदा स्थिति में दिल्ली के लिए प्लेऑफ में पहुंचने की राह आसान नहीं दिख रही है और उसके आगे जाने की उम्मीद 15 प्रतिशत से भी कम आंकी जा रही है।

इन टीमों के लिए बंद हुए प्लेऑफ के दरवाजे!

अंतिम चार में पहुंचने के लिए छह टीमों के बीच फिलहाल प्रतिस्पर्धा देखने मिल रही है, लेकिन आरसीबी, पंजाब, मुंबई और गुजरात जैसे टीमों के लिए प्लेऑफ के दरवाजे बंद हो गए हैं। टी-20 क्रिकेट पूरी तरह से समीकरण का खेल है और इसमें सभी के लिए संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं, लेकिन इन चार टीमों के लिए शीर्ष चार में पहुंचना लोहे के चने चबाने के बराबर है और इन टीमों के प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीद पांच प्रतिशत भी नहीं है। हालांकि ये टीमें दूसरों का गणित जरूर बिगाड़ सकती हैं।

न घर के न घाट के रहे उन्मुक्त!
भारत में क्रिकेट के हर खिलाड़ी का सपना होता है टीम इंडिया के लिए खेलना। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए मौके पर चौका लगाना होता है। अंडर-19 विश्वकप, ये वह टूर्नामेंट है जिसे हम टैलेंट हंट कंपटीशन कहें तो गलत नहीं होगा। अंडर-19 चैंपियन टीम से निकले कई खिलाड़ी आज दिग्गजों की लिस्ट में शुमार हैं लेकिन अगर बात करें कप्तानी की तो अभी तक बतौर कप्तान जिस खिलाड़ी ने अंडर-19 विश्वकप में खिताबी जीत दर्ज की है, उसके लिए सीनियर टीम के दरवाजे खुल गए। इस सूची में मोहम्मद कैफ, विराट कोहली और पृथ्वी शॉ जैसे दिग्गज शामिल हैं लेकिन एक खिलाड़ी ऐसा रह गया, जिसने इस टूर्नामेंट में भारत को खिताबी जीत दिलाई लेकिन टीम इंडिया में डेब्यू तक नहीं कर पाया। वह खिलाड़ी है उन्मुक्त चंद, जिन्होंने महज 28 साल की उम्र में ही सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया था। उन्मुक्त चंद एकमात्र अंडर-19 के ऐसे कप्तान हैं जिन्हें टीम इंडिया में डेब्यू करने का मौका नहीं मिला है लेकिन संन्यास के बाद उन्होंने अपने खेल को यहीं तक सीमित नहीं रखा और अमेरिका का रुख कर वहां की लीगों में अपनी दावेदारी पेश की।

ऐसे में सवाल उठ रहे थे कि क्या वे टी-20 विश्वकप में अमेरिका की टीम से खेल सकते हैं? उन्मुक्त ने कुछ समय पहले कहा था ‘मैं अमेरिकी क्रिकेट की दीर्घकालिक प्रगति का हिस्सा बना और अपने क्रिकेट करियर में नया कदम उठाया है मेजर लीग क्रिकेट के शुरू होने की मुझे खुशी है। लेकिन अमेरिका जाने के बाद भी उनकी किस्मत नहीं बदल पाई। पहले तो उन्मुक्त को कनाडा के खिलाफ पांच टी-20 मैचों की सीरीज के लिए अमेरिकी टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और अब हाल ही में अमेरिका ने टी-20 विश्वकप 2024 के लिए अपनी टीम का ऐलान किया इसमें भी मौका नहीं मिला है। यही नहीं वहां की बोर्ड ने उन्हें रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर भी टीम में शामिल नहीं किया जिसके बाद से उनके नाम पर एक बार फिर से चर्चा होने लगी है।

लोग लगातार उनको लेकर सवाल उठा रहे हैं कि क्या उनका भारत छोड़ने का फैसला सही था? शायद वह यहां रहते और भारतीय क्रिकेट परिस्थितियों में मेहनत करते तो दोबारा अपनी लय हासिल कर सकते थे। अमेरिका की टी-20 विश्वकप की टीम में भी उन्हें जगह नहीं मिली है। इस टीम में न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज ऑलराउंडर कोरी एंडरसन को यूएसए की 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। एंडरसन के अलावा, हरमीत सिंह, मिलिंद कुमार, एंड्रीज गॉस, शैडली वान शल्कविक और नीतीश कुमार यूएसए टीम में अन्य नए चेहरे हैं, जो अब 1 जून से होने वाले पुरुष टी 20 विश्व कप की तैयारी के लिए तैयार हो रहे हैं, जहां वह वेस्टइंडीज के साथ सह-मेजबान हैं।

गौरतलब है कि भारत के पूर्व युवा बल्लेबाज उन्मुक्त चंद को कौन नहीं जानता है। भारत की अंडर-19 टीम उनकी अगुवाई में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 2010 में खिताब अपने नाम करने में कामयाब हुई थी। उसके बाद वह रातों-रात स्टार बन गए थे। लोग उन्हें भारत के भविष्य के रूप में देख रहे थे। लेकिन इसके बाद उनका प्रदर्शन दिन-ब-दिन गिरता रहा। आईपीएल में भी वह कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। नतीजा यह रहा कि वह यहां से भी बाहर हो गए और मजबूरी में उन्मुक्त ने भारत छोड़ अपना क्रिकेट करियर बचाने के लिए अमेरिका पहुंच गए।

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