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अमेरिकी नागरिकता के नियम में हो सकता है बदलाव

डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने राष्ट्रपति शपथ ग्रहण करने वाले हैं। इसके साथ ही वे ऐसे कई कानूनों के बदलने के प्रयास में हैं जिनका असर दूसरे देशों पर भी पड़ सकता है । एक साक्षात्कार के दौरान नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप ने उस कानून को हास्यपद बताया है जिसके तहत देश में जन्में किसी भी व्यक्ति को नागरिकता मिल जाती है। डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि वो राष्ट्रपति बनते ही इस कानून को खत्म करने के लिए कड़े प्रयास करेंगे।एक साक्षात्कार के दौरान ट्रंप ने कहा कि वह जन्म से मिलने वाले नागरिकता के नियम को भी बदलेंगे। उन्होंने कहा कि इसे खत्म करना होगा। उनके अनुसार अन्य देशों में यह चलन नहीं है। अमेरिकी नागरिक बनने के मानक थोड़े सख्त होने चाहिए। ट्रंप और उनके समर्थकों का मानना है कि इस नियम से बर्थ टूरिज्म को बढ़ावा मिलता है। इसके तहत माता-पिता अपने बच्चों के जन्म के लिए अमेरिका का दौरा करते हैं, ताकि उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल जाए।

 

ट्रंप के कहे मुताबिक वे एक साथ पूरे परिवार को उनके देश भेजने के पक्षधर में हैं। वे परिवारों को तोडना नहीं छाते हैं। ट्रंप के अनुसार अमेरिका इकलौता ऐसा देश हैं जहां जन्मजात नागरिकता दी जाती है। हालांकि 34 अन्य देश भी जहां ये नियम हैं। गौरतलब है कि ट्रंप के लिए कानून बदलना या इसे खत्म करना इतना आसान नहीं होगा। लेकिन इस कानून को खत्म कर दिया जाता है तो इसका दूरगामी असर भारत समेत दूसरे देशों पर भी होगा। प्यू रिसर्च के 2022 की अमेरिकी जनगणना के अनुसार अमेरिका में करीब 48 लाख भारतीय रह रहे हैं। इनमें से 34 फीसदी या 16 लाख इस देश में ही पैदा हुए हैं। यह लोग मौजूदा कानून के तहत अमेरिका के नागरिक बन गए हैं। यदि नए राष्ट्रपति इस कानून को खत्म कर देते हैं तो 16 लाख भारतीयों पर असर पड़ेगा।

 

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