केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर में कोई बड़ा कदम उठाने जा रही है। ऐसा इसलिए प्रतीत हो रहा है क्योंकि सरकार और प्रदेश के राज्यपाल ने सेना और पेरामिल्ट्री की अतिरिक्त तैनाती करते हुए इसे सामान्य प्रक्रिया बताया था। बाद में बड़े आतंकी हमले की बात कहते हुए अमरनाथ यात्रा रद् कर दी गई। घाटी में मौजूद सभी तीर्थ यात्रा और पर्यटक भी सुरक्षित बाहर भेज दिए गए। इस दौरान सोशल मीडिया के जरिए ऐसे सरकारी आदेश बाहर आते गए जिनमें राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों को इमरजेंसी ड्यूटी के चलते छूट्टी न लेने, चार माह का राशन घर में इक्ट्टा रखने और परिवार को घाटी से बाहर भेजने की बात कही गई। घाटी में इन सबके चलते भारी तनाव पैदा हो गया। राज्य के राजनीतिक दलों ने आशंका जतानी शुरू

कर दी कि केंद्र सरकार धरा 370 और अनुच्छेद 34 ए को लेकर कोई बड़ा पफैसला लेने जा रही है। सरकार लेकिन इससे इकांर करती रही। अब लेकिन एकाएक ही पूर्व मुख्यमंत्रा महबूबा मुफ्रती, उमर अब्दुल्लाह समेत कई बड़े राजनेताओं की नजरबंदी और घाटी में संचार सेवाओं पर प्रतिबंध् इस तरफ स्पष्ट इशारा कर रहा है कि कश्मीर पर कुछ बड़ा पफैसला जल्द सामने आ सकता है। श्रीनगर में धरा 144 लगा दी गई है तो जम्मू में कफ्रर्य लागु हो चुका है। सभी शिक्षण संस्थान अनिश्चित कालीन बंद करा दिए गए है और छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कह दिया गया है। इंटरनेट, मोबाइल के साथ-साथ लैंडलाइन भी ठप्प हो चुकी है। पुलिस व प्रशासनिक अपफसरों को सेटेलाइट पफोन उपल्बध् कर दिये गये है।
पीएम हाऊस में कैबिनेट बैठक प्रधनमंत्रा निवास पर सुबह 9.30 बजे से केंद्रिय मंत्रा मंडल की बैठक बुलाई गई है।

हालांकि यह स्पष्ट नहीं कि इस बैठक में कश्मीर को लेकर कुछ चर्चा होगी या नहीं लेकिन अपफवाहों का बाजार गर्म है। रविवार 4 अगस्त के दिन गृहमंत्रा अमित शाह कश्मीर मामले पर नौकरशाहों संग अमंत्राण करते रहे है।
क्या जम्मू कश्मीर के होगें तीन भाग
धरा 370 और अन्च्छेद 34ए के अतिरिक्त इस बात की भी संभावना है कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर राज्य को तीन हिस्सों में बांट दे। जम्मू, लद्ाख और कश्मीर को अलग-अलग तीन केंद्र शासित क्षेत्रा यानि ‘यूनियन टरिटरी’ बनाने की बात बहुत पहले से होती रही है।
पाकिस्तान में भी कश्मीर मुद्दे को माहौल गर्माया
पाकिस्तान के प्रधनमंत्रा ने धटी के मौजूद हालात पर चर्चा करने के लिए रविवार राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई। बैठक बाद इमरान खान ने इसके बाद एक ट्वीट कर आशंका व्यक्त कर डाली है कि
भारत का आक्रमक रवैया नया सकट खड़ा कर सकता है। खान ने एक बार पिफर अमेरिकी हस्तक्षेप की बात भी कहीं।

