हर देश की अपनी इन्वेस्टिगेशन एंजेसी होती है। जो क्राइम से जुड़े मामलों की जांच करती है, और सच को बाहर निकालती है। जैसे भारत के पास रॉ, इजरायल की मोसाद, उसी तरह पूरी विश्व पर अपनी धौंस रखने वाले अमेरिका की इन्वेटिगेशन एजेंसी है एफबीआई यानी फेडरेल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन। जो पूरे विश्व भर में पापुलर एजेंसी मानी जाती है। माना जाता है कि यह एजेंसी अमेरिका में हुए किसी भी क्राइम के अपराधी को ढूंढ निकालती है। चाहे वह अपराधी विश्व के किसी भी कोने में छिपा हुआ हो। अब इस एजेंसी को एक भारतीय की तलाश है। एजेंसी ने उस भारतीय मूल के नागरिक की सूचना देने वाले पर 73 लाख रूपए का ईनाम रखा है। अपराधी का नाम है भद्रेशकुमार चेतनभाई पटेल।

चेतनभाई पटेल एफबीआई की 2017 में जारी लिस्ट में 10 मोस्ट वॉन्टेड में शामिल है। पटेल ने अपनी पत्नी पलक की हनोवर के मैरीलैंड राज्य के डंकिन डोनट्स कॉफी शॉप के अंदर चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। उसके बाद से वह फरार है। उस पर अब एफबीआई ने 100000 डॉलर इनाम की घोषणा की है। भारतीय रूपए में यह राशि 73 लाख रूपए होती है। लोगों का ध्यान इस पर आकर्षित करने के लिए एफबीआई ने ट्वीट कर कहा कि ”अगर वे इस व्यक्ति के बारे में जानते हैं या फिर उन्हें यह पता है कि वह कहां है, तो एजेंसी या पास के अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से संपर्क करें।”
डब्ल्यूटीओपी रेडियो ने अधिकारियों के हवाले से बताया “घटना के दौरान पटेल 24 साल का था, उसने कथित तौर पर अपनी 21 वर्षीय पत्नी पर दुकान के पिछले हिस्से में रसोई के चाकू से कई बार प्रहार किया था, उस दौरान वहां ग्राहक भी मौजूद थे। वे दोनों वहां काम करते थे।”
वारदात के समय ऐनी अरुंलेड के पुलिस प्रमुख रहे टिम अल्टोमारे ने डब्ल्यूटीओपी रेडियो को बताया कि “इस मामले में हिंसा भड़की थी, वह दिल दहला देने वाला मामला था। यह पुलिस विभाग के लिए झटका था। रेडियो ने बताया कि 2017 में एफबीआई के बाल्टीमोर क्षेत्र कार्यालय के विशेष प्रभारी एजेंट गॉर्डन जॉनसन के अनुसार, “पटेल को इस अपराध की क्रूरता के कारण लिस्ट में डाला गया था और ऐसी संभावना थी कि अमेरिका के बाहर किसी को पता है कि वह कहां है।” इस घटना के एक महीने पहले ही दोनों के वीजा की अवधि खत्म हो गई थी और जांचकतार्ओं का मानना है कि पलक पटेल भारत वापस लौटना चाहती थी, लेकिन उसके पति ने इसका विरोध किया था।
भद्रेश कुमार चेतनभाई पटेल का जन्म गुजरात के वीरमगाम तहसील के कांथरोडी गांव 1990 में हुआ। दरअसल दोनों पत्नी और पति की वीजा अवधि घटना के एक माह पहले ही पूरी हो गई थी। उनकी पत्नी वापिस इंडिया आना चाहती थी। लेकिन उनके पति चेतनभाई पटेल अभी इंडिया नहीं आना चाहते थे। इसी बात को लेकर दोनों में कई दिनों से अनबन चल रही थी। दोनों मेरीलेन्ड के एक कॉफी शाप में काम करते थे। इसी कॉफी शॉप में पटेल ने अपनी पत्नी पलक की चाकू मारकर हत्या की थी। हत्या के बाद वह फरार हो गया, और अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगा। दंपति नाइट शिफ्ट में काम करते थे। जांच एजेंसी का कहना है कि उसके रिश्तेदार अमेरिका या केनेडा में है। या तो उसके केनेडा से भारत भागने की आशंका है।

