मध्य प्रदेश में विधानसभा के उप चुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की वायरल हुई ऑडियो ने एमपी की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस ऑडियो के वायरल होने से खुद बीजेपी सरकार बैकफुट पर आ गई है। वायरल ऑडियो में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान साफ-साफ कहते नजर आ रहे हैं कि आलाकमान के इशारे पर उन्होंने कमलनाथ सरकार को गिराया था।
जबकि देश के गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कह चुके हैं कि कमलनाथ सरकार गिराने में उनकी या उनकी पार्टी की कोई भूमिका नहीं रही थी। अमित शाह ने यह भी कहा था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के कॉन्ग्रेस से आने के बाद ही उनकी सरकार बन पाई थी।
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फिलहाल मध्य प्रदेश की राजनीति में कोरोना काल के बीच कांग्रेस को सत्तासीन पार्टी पर वार करने का मौका मिल चुका है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने एक ट्वीट जारी करके कहा कि यदि किसी भी सोर्स से प्राप्त हुई यह ऑडियो सही है तो यह देश देश के लिए सबसे शर्मनाक है।
केंद्र के षड्यंत्र से विपक्ष की राज्य सरकारें गिराना भाजपा की अल्पकाल में जीत जरूर है। मगर हमारे संविधान और प्रशासन मूल्यों की हार है । पैसे के दम पर सरकारे बनाना या गिराना छोटी मानसिकता का प्रतीक है।
यदि किसी भी सोर्स से प्राप्त यह ऑडीओ सही है तो देश के लिए अत्यंत शर्मनाक है।केंद्र के षड्यंत्र से विपक्ष की राज्य सरकारें गिराना भाजपा की अल्प काल में जीत ज़रूर है मगर हमारे समविधान और प्रजातांत्रिक मूल्यों की हार है।पैसे के दम सरकारें बनाना या गिराना छोटी मानसिकता का प्रतीक https://t.co/CcwYKjPwwp
— Vivek Tankha (@VTankha) June 10, 2020
दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी एक ट्वीट जारी कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि भाजपा के झूठ की पोल अब सबके सामने आ चुकी है।
यह ऑडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इंदौर दौरे पर गए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सांवेर विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान ऑडियो रिकॉर्ड किया गया है।
मिलावट व माफ़ियाओ के ख़िलाफ़ अभियान चला रही थी , प्रदेश में निवेश ला रही थी , निरंतर जनहितैषी कार्य कर रही थी , भाजपा को यह सब सहन नहीं हुआ।
उसे डर व भय था कि इन सब कार्यों से उसका वर्षों तक सत्ता में वापस लौटना नामुमकिन हो जायेगा।
2/4— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) June 10, 2020
इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कह रहे हैं कि केंद्रीय नेतृत्व ने तय किया कि सरकार गिरनी चाहिए, नहीं तो ये बर्बाद कर देगी। ज्योतिरादित्य सिंधिया और तुलसी भाई के बिना क्या सरकार गिर सकती थी? दूसरा तरीका नहीं था।
कांग्रेस कह रही है कि धोखा सिंधिया और तुलसी सिलावट ने दिया है, जबकि सच यह है कि धोखा कांग्रेस ने दिया है। आप बताइए, अगर तुलसी विधायक नहीं बने तो क्या मैं सीएम रहूंगा, क्या प्रदेश में भाजपा की सरकार रहेगी?

