कुछ ही महीनों बाद झारखंड विधानसभा चुनाव होने हैं। सभी राजनीतिक दल जहां अपनी तैयारियों में जुट गए हैं, वहीं कई पार्टियों के नेता भी चुनाव मैदान में उतरने के पहले राजनीतिक समीकरण को दुरुस्त करने में जुटे हैं। इस बीच जमशेदपुर पूर्वी के निर्दलीय विधायक सरयू राय ने अपने बचपन के दोस्त और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चर्चा है कि सरयू राय आगामी विधानसभा चुनाव में भी जमशेदपुर पूर्वी सीट से ही चुनाव मैदान में उतरना चाहते हैं। ऐसे में एक ओर जहां नीतीश कुमार से सरयू राय की मुलाकात के बाद कई तरह की अटकलें शुरू हो गई है, वहीं दूसरी तरफ उड़ीसा के राज्यपाल रघुवर दास का कार्यकाल अभी बचा है, लेकिन इससे पहले झारखंड की राजनीति में उनके वापस लौटने की चर्चा भी जोरों पर है। रघुवर दास के कई समर्थक उनकी वापसी की तिथि से लेकर राज्य की राजनीति में सक्रिय होने को लेकर कई दावे कर रहे हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि रघुवर दास के सक्रिय राजनीति में वापस लौटने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में सरयू राय को जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार का साथ मिल सकता है। सरयू राय ने वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया था। सरयू राय ने 2014 के चुनाव में जमशेदपुर पश्चिम सीट से जीत हासिल की थी और 2019 में भी चुनाव लड़ने को इच्छुक थे, लेकिन बीजेपी ने सरयू राय को टिकट देने से इनकार कर दिया जिसके बाद सरयू राय निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ चुनाव मैदान में उतर गए। चुनाव में सरयू राय की जीत हुई और रघुवर दास को करारी हार का सामना करना पड़ा जिसके बाद रघुवर दास को उड़ीसा का राज्यपाल बना दिया गया। इसके साथ ही रघुवर दास झारखंड की राजनीति से दूर हो गए। इस बीच सरयू राय नीतीश कुमार का समर्थन हासिल कर एक तीर से दो निशाना साधने की कोशिश में हैं। वे चाहते हैं वो जमशेदपुर पूर्वी सीट से एनडीए उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरें। ऐसी स्थिति में सरयू एनडीए उम्मीदवार हो जाएंगे तो क्षेत्र के बीजेपी नेताओं-कार्यकर्ताओं का समर्थन उन्हें मिल पाएगा और रघुवर दास की झारखंड की राजनीति में वापसी की संभावना कम हो जाएगी, क्योंकि रघुवर दास भी जमशेदपुर पूर्वी सीट से ही चुनाव मैदान में उतरकर विजयी होते रहे हैं। ऐसे में नीतीश और सरयू के बीच क्या बात हुई इसका खुलासा तो नहीं हुआ है, लेकिन आने वाले समय में इस मुलाकात का असर देखने को मिल सकता है।
गुल खिलाएगी नीतीश-राय की मुलाकात?

