बीते दिनों से चल रहे पीएमसी बैंक के घोटाले के बाद लोगों का विश्वास बैंको पर से उठ गया हैं और अब 22 अक्टूबर को बैंकों की हड़ताल होने वाली है। जिस कारण देश के कई बैंक बंद रहने वाले हैं। दस बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने के सरकार के फ़ैसले के विरोध में ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉइज़ एसोसिएशन (एआईबीईए) और बैंक इंप्लॉइज फ़ेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफ़आई) ने बैंक हड़ताल की अपील की है। इन बैंको की हड़ताल का सीधा असर उन लोगों पर ज्यादा पड़ेगा जो शादी और विवाह के लिए एक-एक पूँजी को जोड़ रहे हैं। बैंको की हड़ताल के बाद 4 से 5 दिनों की त्यहारों की छुट्टी होगी अथार्थ बैंक से पैसा मिलेगा कब?
इसी साल अगस्त में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी बैंकों के विलय का एलान किया। उनका कहना था कि इससे देश में सरकारी बैंकों की संख्या घटकर बारह होगी और देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी। लेकिन सवाल ये है की क्या जनता का पैसा बैंको में सुरक्षित हैं या नहीं।
फिलहाल पीएमसी बैंक घोटाले से आर बी आई सख्त है।एआईबीईए के मुख्य सचिव सीएच वेंकटाचलम कहते हैं, “बैंकों में आम नागरिकों का 127 लाख करोड़ रुपया जमा है। हम उसकी सुरक्षा चाहते हैं। इसके लिए हमें बैंकिंग सेक्टर को सावधानी से संभालना पड़ेगा। “सीएच वेंकटाचलम कहते हैं, बड़ा बैंक बड़ा लोन देगा जिसमें अधिक ख़तरा हो गया है, जैसे नीरव मोदी और किंगफिशर के मालिक विजय माल्या जो पैसा नहीं चुका पाए हैं। इसमें कृषि और शिक्षा लोन का प्रतिशत काफी कम है। देश का अनुभव जब नकारात्मक है तो सरकार को ऐसा क्यों करना है।