दिव्य सिंह रावत पर बढ़ा जान का संकट। बेटे को उठवाने की भी साजिश
‘दि संडे पोस्ट’ के प्रतिनिधि मनोज बोरा पर जानलेवा हमला करने वाले दो सुपारी किलर्स को गोली कांड के बाद तत्काल घर दबोचने वाली हल्द्वानी पुलिस इस पूरे षड्यंत्र के मास्टर माइंड भाजपा नेता प्रमोद नैनवाल के भाई सतीश नैनवाल को पकड़ नहीं पा रही है तो इसका एक बड़ा कारण पुलिस पर पड़ रहा राजनीतिक दबाव है। भाई प्रेम में भाजपा से बगावत करने वाले प्रमोद नैनवाल ने पार्टी में वापसी तक कर डाली लेकिन तमाम दबावों के बावजूद ‘दि संडे पोस्ट’ के राज्य प्रभारी दिव्य सिंह रावत को नैनवाल बंधु ‘मैनेज’ नहीं कर पाए। फर्जी मुकदमे जरूर वे लगातार दर्ज करा रहे हैं ताकि दिव्य सिंह रावत उनसे समझौता कर ले। गौरतलब है कि हत्यारे दिव्य सिंह रावत को मारने की नियत से ही आए थे लेकिन धोखे में गोली मार बैठे मनोज बोरा को। बहरहाल ताजा खबर यह है कि भगौड़ा सतीश नैनवाल हल्द्वानी में ही शरण लिए है। ‘दि संडे पोस्ट’ को जानकारी मिली है कि एक प्रभावशाली राजनीतिक हस्ती ने उसे अपने हल्द्वानी स्थित घर में शरण दे रखी है। ‘दि संडे पोस्ट’ के राज्य प्रभारी दिव्य सिंह रावत को यह भी जानकारी मिली है कि अब उनकी हत्या को अंजाम देने के लिए नए सुपारी किलर्स बुलाए गए हैं साथ ही दिव्य सिंह रावत के चार वर्षीय बेटे के भी अपहरण की योजना तैयार की जा रही है। सबसे ज्यादा आश्चर्य नैनीताल जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक की कार्यशैली को लेकर है जो दिव्य सिंह रावत को सुरक्षा देने में हिला-हवाली कर रहे हैं। बकौल एसएसपी उनके द्वारा शासन को फाइल भेजी गई है। नियमानुसार एसएसपी अपने स्तर से भी सुरक्षा दे सकते हैं लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते वे ऐसा नहीं कर रहे हैं।

