गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद से किसान आंदोलन पर सवाल उठने लगे थे। हालाकि किसान नेता लगातार दावा करते रहे हैं कि ये उनके आंदोलन को कमज़ोर करने की साज़िश थी। इस बीच किसान आंदोलन पर रणनीति के लिए शुक्रवार को मुज़फ़्फरनगर में महापंचायत भी हुई और सिंघु बॉर्डर पर हिंसा की तस्वीरें भी सामने आईं। प्रशासन की ओर से सभी प्रदर्शन स्थलों पर सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। साथ ही किसान नेताओं से बात करके प्रदर्शन स्थल खाली कराने की भी कोशिश की जा रही है। दिल्ली और यूपी की सीमाओं पर डटे किसान आज एक दिन के उपवास पर रहेंगे। गुरुवार रात को गाज़ीपुर बॉर्डर के उनके एक भावुक वीडियो से ना सिर्फ़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बल्कि हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के किसानों में भी आंदोलन के लिए एक नई ऊर्जा देखने को मिली है।
प्रदर्शन में शामिल नेता आज 30 जनवरी को सद्भावना दिवस मनाएंगे। किसान नेता अमरजीत सिंह के हवाले से ख़बर दी है कि आज सभी किसान नेता उपवास करेंगे। यह उपवास सुबह नौ बजे से शुरू होकर शाम पांच बजे तक जारी रहेगा। यह किसान आंदोलन देश के लोगों का है। किसानों के आंदोलन के मद्देनज़र हरियाणा सरकार ने 17 ज़िलों में 30 जनवरी तक इंटरनेट सेवाएं बंद करने की घोषणा की है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, किसानों को सरकार के साथ बैठक में शामिल होना चाहिए। इस समस्या का समाधान होना चाहिए।
समाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने पहले घोषणा कि थी कि वह आमरण अनशन पर बैठेंगे। लेकिन अब अन्ना हज़ारे ने तीन नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ अनिश्चितकालीन अनशन करने का अपना निर्णय वापस ले लिया। केंद्र सरकार के लाए कृषि क़ानूनों के विरोध में दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर किसान बीते दो महीने से अधिक समय से डटे हुए हैं। किसानों का आंदोलन मुख्य रूप से दिल्ली से लगे सिंघु बॉर्डर, गाज़ीपुर बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर पर जारी है।

