Uttarakhand

भूलाए नहीं भूलता मार्च 2016/भाग-3

माननीय राज्यपाल, केंद्र सरकार के पूरे तरीके से दबाव में थे। 18 मार्च को ही महामहिम द्वारा विधानसभा सत्र के स्थगन के तत्काल बाद मुख्य सचिव, विधि सचिव सहित कई महत्वपूर्व सचिवों को परामर्श के लिए तत्काल राजभवन बुलाया गया। मुझे इस बात की जानकारी उस समय हुई जब मैंने उन्हें परामर्श के लिए बुलाया। मुझे बताया गया कि उन्हें अभी माननीय राज्यपाल द्वारा भी बुलाया गया है। 18 मार्च 2016 को ही रात्रि 8 बजे राज्यपाल महोदय के सचिव द्वारा विधानसभा सचिव को पत्र लिखकर विधानसभा की ऑडियो, वीडियो, रिकाॅर्डिंग मांगी गई जिसे उसी दिन राज्यपाल महोदय को भेज दिया गया। 19 मार्च के प्रातः माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा मुझे सदन में शीघ्र बहुमत साबित करने का निर्देश दिया गया। पुनः 20 मार्च को राज्यपाल महोदय द्वारा मुझे पत्र भेजकर 28 मार्च को बहुमत साबित करने के निर्देश दिए गए जिसका हमने तत्काल पालन किया, 21 मार्च को भाजपा के नेता श्री कैलाश विजय वर्गीय आदि भाजपा नेताओं के साथ राजभवन पहुंचे और मेरी सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई

  • हरीश रावत
    पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड

क्रमशः
(यह लेखक के अपने विचार हैं।)

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