अलास्का में पहली बार अमेरिका और चीन के शीर्ष राजनयिकों की आमने-सामने मुलाकात हुई। जिसमें दोनों देशों के अधिकारियों ने एक दूसरे को जमकर कोसा है। अमेरिका ने कई मुद्दों पर चीन को जमकर फटकार लगाई है और कहा है कि चीन को कदम उठा रहा है, उससे आने वाले वक्त में दुनिया काफी ज्यादा हिंसक हो जाएगी। अमेरिका ने चीन को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि वो दुनिया को युद्ध की आग में झोंकना फौरन बंद करे। अलास्का में चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन की वजह से दुनिया ‘काफी हिंसक’ बन सकती है और चीन को चाहिए कि वो दुनिया के देशों को धमकाना बंद करे।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अलास्का शहर में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात के दौरान बेहद सख्त रूख अख्तियार करते हुए कहा है कि चीन की वजह से दुनिया ‘बेहद हिंसक’ हो सकती है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने चीनी विदेश मंत्री के सामने शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों को नरसंहार का मुद्दा उठाने के साथ साथ हांगकांग में चीन की दमनकारी नीति, ताइवान को धमकाने का मुद्दा उठाया। वहीं, अमेरिका ने चीन द्वारा अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर किए जाने वाले साइबर हमलों का भी जिक्र करते हुए उसे कटघरे में खड़ा किया। अमेरिका ने कहा है कि चीन को दुनिया का कानून मानना चाहिए और दुनिया को हिंसक बनाना बंद करना चाहिए। अलास्का में मुलाकात के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर जैक सुलीवन भी थे। वहीं, चीन की तरफ से विदेश मंत्री वांग यी और चीन कम्यूनिस्ट पार्टी के विदेश मामलों के प्रमुख यांग जिएची मौजूद थे।
अमेरिका के विदेश मंत्री ने चीन को अलास्का बैठक के दौरान जमकर लताड़ लगाई है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने चीनी मंत्रियों से दो टूक कहा कि ‘दुनिया कानून के हिसाब से चलती है और चीन को दुनिया में शांति बनाए रखनी चाहिए’। अमेरिका ने कहा कि शिनजियांग में चीन उइगर मुस्लिमों का नरसंहार कर रहा है, जिसे फौरन बंद करना चाहिए। वहीं, हांगकांग में चीन की दमनकारी नीति अमेरिका बर्दाश्त नहीं करेगा।
अमेरिका ने चीन को हांगकांग में चलाए जा रहे दमनकारी शासन को लेकर भी जमकर फटकार लगाई है। अमेरिका ने चीन से साफ शब्दों में कहा है कि हांगकांग में चुनावी व्यवस्था में परिवर्तन कर हांगकांग के लोगों से सारे अधिकार छीन लिए हैं और चीन हांगहांग को अपने डंडे से हांकना चाहता है और अमेरिका इसके सख्त खिलाफ है। वहीं, इस बैठक से एक दिन पहले भी अमेरिका ने चीन को जमकर फटकार लगाई थी और हांगकांग में राजनीतिक परिवर्तन करने की कोशिश करने वाले कई चीनी अधिकारियों पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाने का भी ऐलान किया था।

