पश्चिम बंगाल में तृणमूल को हरा पाने में विफल रही भाजपा अब प्रदेश संगठन में भारी बदलाव करने जा रही है। पार्टी सूत्रों की मानें तो प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष, राज्य के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय समेत कई नेताओं को हटाए जाने पर सहमति लगभग बन चुकी है। सूत्रों का दावा है कि पार्टी आलाकमान विजयवर्गीय और घोष से खासा खफा है। इन दोनों ही नेताओं का बड़बोलपन और ममता बनर्जी पर दिए गए इनके आक्रामक बयानों ने पार्टी को खासा नुकसान पहुंचाया। दिलीप घोष ने चुनाव प्रचार के दौरान चोटिल हुई ममता बनर्जी का उपहास उड़ाते हुए उन्हें साड़ी के बजाय निक्कर पहनने की सलाह दे डाली थी। बंगाल के भद्र समाज को यह बयान खासा अखरा था। इसी प्रकार विजयवर्गीय पार्टी प्रत्याशियों का चयन ठीक से नहीं कर पाने चलते केंद्रीय नेतृत्व की नजरों से गिर चुके बताए जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल से अवश्य आलाकमान खासा प्रसन्न है। पटेल को राज्य के उत्तरी क्षेत्र की 42 सीटों का दायित्व सौंपा गया था जिनमें से 25 में भाजपा प्रत्याशी सफल रहे। पार्टी सूत्रों के अनुसार कैलाश विजयवर्गीय के स्थान पर तेज-तर्रार छवि की केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अब पश्चिम बंगाल की प्रभारी बनने जा रही हैं। स्मृति के पक्ष में उनकी एग्रेसिव कार्यशैली के साथ-साथ बंगाली भाषा का अच्छा जानकार होना भी है। दरअसल, फर्राटेदार बांग्ला बोलने वाली स्मृति की मां बंगाली हैं। इसके अलावा अमेटी संसदीय सीट पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को शिकस्त देने वाली स्मृति हिंदी और अंग्रेजी में भी निपुण हैं। भाजपा आलाकमान का मानना है कि स्मृति बंगाल के भद्र समाज को भाजपा की तरफ लाने में सफल तो रहेंगी ही, ममता की आक्रामक छवि का भी वे सही तरह से तोड़ निकाल लोकसभा चुनाव आने तक पार्टी कार्यकर्ताओं के बुरी तरह हिल चुके मनोबल को वापस ट्रैक पर ले आएंगी।
स्मृति के हवाले बंगाल

