उत्तर प्रदेश की कैसरगंज लोकसभा सीट से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों से यौन उत्पीड़न के आरोपों में कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कहा जा रहा है कि अब वे चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। असल में अदालत ने उनकी ओर से दाखिल उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने मांग की थी कि उनके ऊपर लगे आरोपों की और जांच की जाए। ऐसे में उन पर अब यौन उत्पीड़न केस में आरोप तय करने का रास्ता साफ हो गया है। भाजपा सूत्रों के अनुसार पार्टी चाहती है कि बृजभूषण शरण सिंह पर यदि कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ती है तो वह खुद चुनाव न लड़ परिवार के ही किसी सदस्य यानी पत्नी या बेटे को मौका दें। ऐसी स्थिति में अदालत के फैसले के बाद अब लगता है कि बृजभूषण शरण सिंह का टिकट भी कट सकता है। खुद बृजभूषण के तेवर भी इसके संकेत दे रहे हैं। उन्होंने पिछले दिनों टिकट के सवाल पर कहा भी था कि जो भगवान राम चाहेंगे, वही होगा। यही नहीं उनका कहना था कि पार्टी ने अब तक दूल्हा तय नहीं किया है, लेकिन जिसे भी उतारा जाएगा, वह बड़ी जीत हासिल करेगा। उनके बयान में ‘जिसे भी उतारा जाएगा’ से यह अर्थ निकाला गया था कि शायद अब वह अपने अलावा परिवार के ही किसी सदस्य को लड़ाने के लिए तैयार हो गए हैं और अब भाजपा ने कैसरगंज सीट से उनके बेटे करण भूषण सिंह को उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
चुनाव नहीं लड़ पाएंगे बृजभूषण!

