छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव तीन चरणों में हुए हैं। सत्तारूढ़ भाजपा ने इस चुनाव दौरान हर एक नेता का प्रदर्शन और वर्क ऑफ एरिया तय किया गया था। अब लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद यह देखा जाएगा कि किसके क्षेत्र में कितना बेहतर काम हो पाया है? जिन नेताओं को लोकसभा चुनाव में अहम जिम्मेदारियां दी गई थी, उनकी परफॉर्मेंस कैसी रही है? बीजेपी के रायपुर स्थित दफ्तर में तो चर्चाएं यहां तक हैं कि कैबिनेट में भी बदलाव देखा जा सकता है। राजनीतिक गलियारों में कानाफूसी का दौर गर्म है कि आम चुनाव के नतीजे आने के बाद छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ-साथ निगम मंडल की नियुक्तियां भी की जा सकती हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो निगम और मंडल की नियुक्तियों में उन नेताओं को प्राथमिकता मिल सकती है जिन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान अच्छा प्रदर्शन किया है। गौरतलब है कि साय सरकार बनने के बाद से ही माना जा रहा था कि लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए निगम और मंडल में नियुक्तियां हो सकती हैं लेकिन तब ऐसा नहीं हो पाया था। विधानसभा चुनाव के दौरान कुछ नेताओं का प्रदर्शन बेहतर रहा लेकिन जातिगत समीकरणों के कारण उन्हें टिकट नहीं दी गई। इसलिए आने वाले समय में होने वाले निगम, मंडल और आयोग की नियुक्तियों में उन नेताओं को विशेष स्थान मिलेगा। प्रदेश में लगभग 50 से ज्यादा निगम, मंडल और आयोग हैं जिनमें विधानसभा और लोकसभा चुनावों में कड़ी मेहनत करने वाले बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जगह दी जानी है।
साय मंत्रिमंडल विस्तार के आसार

