उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में रविवार की रात हुई भारी बारिश के बाद यहां मुनस्यारी के टागा गांव और बंगापानी के गेला गांव मे बादल फटने से तबाही मच गई। कई घर देखते ही देखते जमींदोज हो गए। एक ही परिवार के 3 लोगों के मौत होने की खबर है। जबकि 11 लोग लापता है।
पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विगय कुमार जोगदड़े ने घटना की पुष्टि की है। बताया गया है कि मल्ला गैला में तीन मकान टूट गए है। इन मकानों में सड़क का पानी घुस गया था। इस गांव के शेर सिंह उनकी पत्नी गोविंदी देवी और पुत्री ममता की मौत हो गई है। गांव के डिकर सिंह , रूकमणि देवी, प्रियंका, शीला और मंजू घायल है। इसके अलावा टांगा गाँव में भूस्खलन होने से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। साथ ही प्रशासन ने 11 लोगों कै लापता होने की जानकारी दी है।

मुनस्यारी तहसील के धापा, रांथी, सेला, सुरिधार, बुंगा व घोरपट्टा सहित लगभग 25 गांवो में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कहीं लोगों के घरों में मलबा और पानी घुस गया है तो कहीं मकान क्षतिग्रस्त हो गये हैं। यहां से निकलने वाले सभी नदी-नालों का रौद्र रूप देखकर तबाही का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि सेराघाट से युवाओं की टीम टाँगा रवाना हो गई है। जिनमें नरेंद्र महर के साथ काफी लोग घटनास्थल पर गए हैं। जबकि स्थानीय विधायक हरीश धामी के भी टाँगा गांव पहुंचने की खबरें आ रही है। टाँगा गाँव में मोबाइल नेटवर्क नही होने से सही स्थिति की जानकारी नही मिल पा रही है। गौरतलब है कि टाँगा गाँव में वर्ष 2019 मै भी दैबीय आपदा आई थी।
सुनने में आ रहा है कि तहसील प्रशासन से अभी तक कोई भी अधिकारी गांव में नहीं पहुंचे हैं। जबकि रात को ही सूचना दी गई थी। उधर, मुनस्यारी के सेरा सुरईधार के 15 परिवारों के मकानों को भी खतरा हो रहा है। धपुआ नौला के रौद्र रूप को देख कर गांव वाले भयभीत होकर रात गुजार रहे हैं।

