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खुद पर हो रहे हमले को लेकर डॉक्टर्स आज करेंगे सांकेतिक प्रदर्शन, कैंडल जला करेंगे विरोध

खुद पर हो रहे हमले को लेकर डॉक्टर्स आज करेंगे सांकेतिक प्रदर्शन, कैंडल जला करेंगे विरोध

अभी पूरा देश कोरोना वायरस से निपटने के लिए हर रास्ता अपना रहा है। लेकिन अभी तक इसको रोकने में कोई खास सफलता भारत को नहीं मिली है। इसके मरीज दिन-ब-दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। इसके संक्रमण को रोकने में एक अहम योगदान रहा है डॉक्टर्स का, जो दिन रात अपने काम को बिना डर के कर रहे है। इसके बाद भी डॉक्टर्स की टीम पर कई इलाकों पर हमले होते है तो कहीं उनके साथ बदसलूकी होती है। इसके कई सारे मामले सामने आए चुके हैं। कहीं कहीं तो डॉक्टर्स को गंभीर चोटें भी आई है।

इसी को देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से लगतार हो रहे मेडिकल स्टाफ पर हमले पर जल्द से जल्द कानून बनाने की माँग की है। इसी के साथ ही कोरोना से जंग लड़ रहे डॉक्टर्स आज सांकेतिक रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगे। डॉक्टर्स पर लगातार हो रहे हमलों पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से आज सभी डॉक्टरों और अस्पतालों को बुधवार रात 9 बजे कैंडल जलाकर विरोध जताने को कहा गया है। साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने 23 अप्रैल को यानी गुरुवार को काला दिवस घोषित कर दिया है। कल गुरुवार को सभी चिकित्सक काला बिल्ला लगाकर अपना काम करेंगे।

गृहमंत्री का प्रदर्शन न करने की अपील

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के डॉक्टरों से बातचीत की। अमित शाह ने डॉक्टरों को सुरक्षा का आश्वासन दिया और उनसे अपील की कि वे उनके द्वारा प्रस्तावित सांकेतिक प्रदर्शन न करें। शाह ने कहा कि सरकार उनके साथ है।पिछले साल 2019 में स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक ड्राफ्ट जारी कर डॉक्टरों पर हो रहे हमले को रोकने के लिए आरोपियों को 10 साल की जेल और 10 लाख रूपए के जुर्माने का प्रावधान भी किया था, लेकिन अभी तक ये कानून को जामा नहीं पहनाया गया है।

पिछले कुछ दिन में इंदौर, चेन्नई, मुरादाबाद जैसे बहुत जगह हमला हुआ था। दो दिन पहले चेन्नई में कोरोना वायरस से जान गंवाने वाले एक डॉक्टर के शव को ले जा रही एंबुलेंस पर भीड़ ने हमला कर दिया। अभी पूरे देश में कोरोना वायरस के 18601 कुल मामले सामने आए हैं । इन में से 3252 केस ऐसे भी हैं जो ठीक हो चुके हैं। तो वहीं यह वायरस देश में अभी तक 590 लोगों की जान भी ले चुका है।

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